अंबाला सिटी। छावनी में एक सितंबर 2009 में गैंगस्टर बॉबी की बहन रितु और उसके मुंहबोले भाई रमेश की गोलियों से भूनकर हत्या करने के मामले में शनिवार को अदालत ने पूर्व पार्षद समेत छह आरोपियों को दोषी करार दिया है, जबकि साक्ष्यों के अभाव में तीन आरोपियों को बरी कर दिया।
शनिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मामले की अंतिम सुनवाई के दौरान अदालत ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने इस बहुचर्चित मर्डर केस में गैंगस्टर निशान सिंह, रणतेज, बंटी कौशल, पूर्व पार्षद गुलशन उर्फ सोनू, विकास केले वाला और अंकुश को दोषी करार दिया, जबकि गोविंद, हरदीप उर्फ हैप्पी और संजय को बरी कर दिया।
अदालत 6 मार्च को मामले में सजा सुनाएगी। वहीं इस मामले में जमानत पर चल रहे विकास केलेवाला और रणतेज को दोषी करार होने के बाद कस्टडी में ले लिया है। इस मामले में एफआईआर में नामजद आरोपियाें को सजा सुनाई है। पहले शुक्रवार को इस मामले में सुनवाई होनी थी, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण सुनवाई टाल दी थी। शनिवार को मामले में सुनवाई की गई।
यह है मामला
यह हत्याकांड एक सितंबर 2009 को छावनी सुभाष कालोनी हाउसिंग बोर्ड में हुआ था। इस दिन रितु अपने मुंहबोले भाई रमेश के साथ अपनी मां प्रकाश कौर से मिलने गई थी। जैसे ही वह अपनी मां से मिलने के बाद रमेश के साथ बाइक पर निकली तो कुछ ही दूरी पर बदमाशों ने इन दोनो पर ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए मौैत के घाट उतार दिया। तब पुलिस ने रितु की मां प्रकाश कौर की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। दरअसल, रितु जेल में बंद अपने भाई बॉबी की मामलों की पैरवी किया करती थी और जेल में ही दूसरे निशान सिंह से बॉबी की दुश्मनी थी। इसी वजह से रितु और उसके रिश्तेदार की हत्या की गई थी। रितु की हत्या के करीब छह महीने बाद ही अदालत परिसर में बॉबी को भी गोलियों से उड़ा दिया था। शनिवार को जब इस केस में फैसला सुनाया तो कोर्ट परिसर में सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए गए थे।