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Ambala News: होटल कारोबारी पर हमला करने पर भाजपा के पूर्व विधायक के बेटे सहित सात को 10 साल की सजा

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अंबाला सिटी। शहर के चर्चित सिटी प्लाजा के पास होटल कारोबारी पर जानलेवा हमला करने और हत्या की साजिश रचने के मामले में बुधवार को अदालत ने सजा सुनाई। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समप्रीत कौर की अदालत ने मामले में नामजद सभी सात आरोपियों को दोषी करार दिया है। दोषियों में अंबाला सिटी निवासी रोहित, देवेंद्र उर्फ टीटू, जितेंद्र उर्फ राजू, अनिल कुमार, मुख्य शूटर लुधियाना निवासी सुखविंदर सिंह उर्फ मोनी, रेकी करने वाला जतिन कुमार, मददगार दर्पण कुमार शामिल हैं, इसमें सभी को 10 साल की सजा, 20-20 हजार रुपये प्रति आरोपी अर्थदंड व शिकायतकर्ता राजेश को एक लाख रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। अनिल कुमार भाजपा के अंबाला सिटी से तीन बार के विधायक स्व. मास्टर शिव प्रसाद के बेटे अनिल कुमार भी दोषी ठहराए गए हैं। सजा सुनाने के बाद अदालत ने आरोपियों को जेल भेज दिया।
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यह था पूरा मामला

यह वारदात 6 दिसंबर 2019 की रात करीब 10:30 बजे हुई थी। रेलवे रोड स्थित होटल ग्रैंड के मालिक सेक्टर सात निवासी राजेश कुमार अहलूवालिया अपनी सेंट्रो कार से घर लौट रहे थे, जैसे ही वह सिटी प्लाजा के पास पहुंचे, मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों ने उन्हें रुकने का इशारा किया। कारोबारी ने जैसे ही अपनी कार का शीशा नीचे किया, मोटरसाइकिल पर पीछे बैठे युवक ने जान से मारने की नीयत से उन पर सीधे गोली दाग दी। गोली राजेश के सिर के बाईं ओर लगी और वह लहूलुहान हो गए थे। राहगीरों ने तुरंत उन्हें नागरिक अस्पताल पहुंचाया, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें पीजीआई चंडीगढ़ भेज दिया गया गया था, जहां डॉक्टरों ने उनकी जान बचाई। बताया जाता है कि रेलवे रोड पर शिकायतकर्ता की तीन दुकानें थीं, जिनमें दोषी रोहित, देवेंद्र, जितेंद्र व अनिल कुमार किरायेदार थे। दुकान खाली करने को लेकर इनका विवाद चल रहा था।



एक्सीडेंट से लेकर शूटआउट तक का प्लान

पुलिस जांच और कोर्ट ट्रायल में जो परतें खुलीं, वे किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं थीं। पुलिस के मुताबिक, होटल मालिक को रास्ते से हटाने के लिए पहले अनिल स्वीट हाउस पर एक एक्सीडेंट की साजिश रची गई थी। जब वह नाकाम रही, तो लुधियाना और अंबाला के बदमाशों को मिलाकर शूटआउट की बड़ी साजिश रची गई। अंबाला कैंट के कई होटलों (होटल मून लाइट, होटल ग्रीन, होटल गर्ग रेजीडेंसी) में बाकायदा कमरे बुक कर हत्या की पूरी रूपरेखा तैयार की गई, रुपयों का लेनदेन हुआ और पीड़ित की रेकी भी की गई।
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वैज्ञानिक साक्ष्यों और सीडीआर ने फंसाया

इस हाई-प्रोफाइल मामले में सरकारी वकील ने अदालत के सामने कुल 34 गवाह पेश किए। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल देशी कट्टा और लुधियाना नंबर की मोटरसाइकिल बरामद की थी, इसके अलावा, आरोपियों की मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड ने कोर्ट में उनकी मौजूदगी और आपसी बातचीत की कड़ियों को पूरी तरह साबित कर दिया, जिससे आरोपी कानून के शिकंजे से बच नहीं सके।
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