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खानापूर्ति : निलंबन से बच रहे अफसर, नामजद ही कर रहे तलाश

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अंबाला छावनी में रेलवे स्टेशन और सीआईए थाने के बीच बनी 12 फीट ऊंची दीवार। संवाद
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अंबाला। जीआरपी की पकड़ से भागे चरस तस्कर के मामले में राजकीय रेलवे पुलिस के उच्चाधिकारियों की कार्रवाई गोलमोल नजर आ रही है। इस मामले में सबसे बड़ी बात यह है कि जिन सीआईए कर्मियों के नाम इस मामले में लापरवाही के लिए एफआईआर में दर्ज हैं, उन्हीं आरोपी की धरपकड़ की जिम्मेदारी सौंप दी है।
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इसके साथ ही इस कार्रवाई में एक और झोल नजर आता है। पांच सीआईए कर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद 48 घंटे का समय बीत चुका है मगर अभी तक के उनका निलंबन या लाइन हाजिर तक नहीं किया गया है। ऐसे में जीआरपी के उच्चाधिकारियों की इस कार्रवाई ने सभी को हैरत में डाल दिया है। यह परिस्थिति बिल्कुल ऐसी है कि सांप भी मर जाए और लाठी भी टूटे। क्योंकि कार्रवाई तो ऐसा ही लग रहा है कि एक तरफ तो नामजद ही आरोपी की तलाशी कर रहे हैं तो वहीं विभाग उन पर निलंबन की कार्रवाई न कर उन्हें संरक्षण दे रहा है।

जीआरपी ने मां और भाई से किया संपर्क

48 घंटे बीतने के बाद भी चरस तस्कर जीआरपी की गिरफ्त से बाहर है। बेशक जीआरपी हिमाचल में उसके घर तक पहुंच गई है और उसकी मां और भाई से भी बात हो गई है, लेकिन आरोपी से संपर्क नहीं हो पाया। इसमें जीआरपी ने हिमाचल पुलिस की भी मदद ली है। वहीं अब आरोपी को पकड़ने के लिए भी हिमाचल पुलिस से आग्रह किया गया है ताकि नामजद कर्मचारियों की मुश्किलें कम हो सकें। वहीं दूसरी टीम को भी कामयाबी नहीं मिली है।
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बेटा करता था खेती



मंडी के पास स्थित कसोल गांव में जन्मा चरस तस्कर नरेंद्र खेतीबाड़ी का काम करता है, लेकिन पैसे की इच्छा ने उसे तस्कर बना दिया। यह खुलासा तस्कर की मां ने जीआरपी के साथ किया है। उसने बताया कि गांव के ही चार-पांच लोग इसमें लगे हुए हैं और उनकी शह पर ही उसके बेटे ने यह काम शुरु किया था। वहीं आरोपी के खिलाफ अभी किसी अन्य मामले में संलिप्तता नहीं मिली है।



भागने से पहले हुई थी हाथापाई



चरस तस्कर को पकड़ने के लिए सीआईए कर्मचारियों ने पुरजोर प्रयास किया और उसके साथ उनकी जोर-आजमाईश भी हुई। इस कारण तस्कर अंबाला-दिल्ली हाइवे की तरफ बनी छोटी दीवार को फांद नहीं पाया था। लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर तस्कर रेलवे स्टेशन के साथ लगती लगभग 12 फीट ऊंची दीवार फांद कर भाग गया और यह छलांग उसने वहां पड़े एक पुराने स्कूटर पर पांव रखकर लगाई थी। इस दौरान सीआईए कर्मचारियों को भी चोट लगी थी।



दो की लापरवाही, पांच पर गाज



सीआईए थाने से भागे नशा तस्कर के मामले में दो कर्मचारियों की लापरवाही नजर आई थी, लेकिन इस मामले में अंबाला कैंट के जीआरपी थाने में पांच कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। प्राथमिक जानकारी में यह भी सामने आया है कि इस मामले का पहला आईओ कोई और था और दूसरे आईओ को इस मामले में बलि का बकरा बना दिया गया।
ये हैं अनसुलझे सवाल



सीआईए से तस्कर के भागने के मामले में जिन पांच कर्मचारियों को नामजद किया गया है, उन्हें ही आरोपी को पकड़ने की जिम्मेदारी सौंपी गई है जबकि इस लापरवाही के लिए प्रभारी सहित अन्य कर्मचारियों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए थी। वहीं नामजद कर्मचारियों को प्राथमिक स्तर पर निलंबित भी किया जाना था ताकि दोबारा ऐसी लापरवाही न हो, लेकिन इस मामले में ऐसी कोई भी कार्रवाई अभी तक नहीं की गई है।
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वर्जन
अभी हम पानीपत के बाद एक सत्संग में ड्यूटी पर तैनात हैं। सोमवार को दफ्तर खुलने के बाद इस मामले में कार्रवाई की जाएगी।
-नरेंद्र सिंह, सिक्योरिटी इंचार्ज, जीआरपी
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