शहर के पॉलीटेक्निक चौक पर पिछले बीस दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे भूतपूर्व सैनिकों ने रविवार को वित्त मंत्री अरूण जेतली का पुतला आग के हवाले किया।
इस दौरान उन्होंने जमकर प्रदर्शन किया और केंद्र की सरकार को कोसा। बीसवें दिन की भूख हड़ताल पर बैठने वालों में पैटी अफसर भजन सिंह, लेफ्टिनेंट गुरचरण सिंह, सूबेदार विश्वामित्र, सूबेदार कृष्ण लाल, सूबेदार मेजर बलविंद्र सिंह, वारंट अफसर चांदना, वारंट अफसर जेपी मेहता आदि शामिल रहे।
धरने पर बैठे पूर्व सैनिकों को संबोधित करते हुए पूर्व सैनिक वेलफेयर कमेटी के प्रधान अतर सिंह मुल्तानी व प्रवक्ता खुशबीर सिंह दत्त ने कहा कि पूर्व सैनिकों को भूख हड़ताल पर बैठे 20 दिन हो गए लेकिन अभी तक इस भारत सरकार को इनके धूप में बैठने व भूख हड़ताल पर होने का कोई भी अहसास नहीं हुआ है। हास्यास्पद बात यह है कि भारत सरकार 1965 की लड़ाई की जीत की 50वीं वर्ष गांठ मनाने की तैयारी कर रही है।
उन्होंने कहा कि बड़े दुख की बात है कि इस लड़ाई को जीतने वाले और कुबार्नियां देने वाले तो सड़कों पर बैठकर अपना हक वन रैंक-वन पेंशन की आत्मिक लड़ाई लड़ रहे हैं और भारत सरकार 1965 की जीत की खुशी मना कर अपनी पीठ थपथपाने के लिए उत्सुक है।
उन्होंने कहा कि हम सभी भूतपूर्व सैनिक सभी सामाजिक संस्थाओं से, धार्मिक व छात्र संगठनों से व जो भी सैनिकों व भूतपूर्व सैनिकों की कुर्बानियों की कदर करते हैं, से अनुरोध है कि आप सभी सरकार द्वारा किसी भी आयोजन जो 1965 की जीत के संदर्भ में हो, का बहिष्कार करें व हमें सहयोग दें।
इस अवसर पर इनके साथ सूबेदार अत्तर सिंह मुलतानी, ब्रिगेडियर बाजवा, कर्नल आरडी सिंह, सचिव केएस दत्त, नरिंद्र शर्मा, सुरिंद्र भाटिया, गुरदेव सिंह, मामराज, जेएस मान, नसीब सिंह, कर्मचंद्र मेहरा, गुरप्रीत सिंह, पीके टंडन, रणजीत सिंह आदि उपस्थित रहे। इस अवसर पर सर्वधर्म समाज कल्याण सेवा कमेटी प्रधान निर्मल सिंह रंधावा ने धरना स्थल पर भारी संख्या में अपने सदस्यों के साथ समर्थन दिया।