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बाढ़ मुआवजा : पिछला मिला नहीं, नए का पता नहीं

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न्यू टैगोर गार्डन में अभी तक लोग टांगरी नदी के पानी व गाद से जूझ रहे हैं। संवाद
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माई सिटी रिपोर्टर
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अंबाला। टांगरी नदी की जद में बनीं 40 कॉलोनियों के लोगों का दर्द कम होने के बजाय बढ़ गया है। बाढ़ का दर्द ऐसा है कि उन्हें दो वर्ष पहले आई बाढ़ का मुआवजा अभी तक मिला नहीं है और इस बार नुकसान की कोई भरपाई करेगा या नहीं इसका पता नहीं है। वर्ष 2023 में टांगरी नदी में बाढ़ आई तो अंबाला कैंट की इन कॉलोनियों में लोगों को सामान निकालने तक का समय नहीं मिला था। लोगों का कहना है कि जैसे तैसे वह खुद तो बच गए मगर अपने सामान को नहीं बचा सके। बाढ़ का पानी निकलने के बाद उन्हें शासन की तरफ से मुआवजे का भरोसा दिया गया था, इसके लिए नगर परिषद ने फार्म भी भरवाए मगर अधिकांश लोगों को मुआवजा ही नहीं मिला। वहीं इस बार तो टांगरी नदी के किनारे बसी कॉलोनियों के लोगों के बारे में कोई चर्चा ही नहीं कर रहा है।



पहले दुकान और इस बार घर में भी घुसा पानी

न्यू अमन नगर निवासी धर्मेन्द्र बताते हैं कि वर्ष 2023 में जब बाढ़ आई तो उनकी परचून की दुकान का सामान खराब हो गया था। इस नुकसान के लिए उन्होंने आवेदन किया था, मगर कोई मुआवजा नहीं मिला। वहीं इस बार भी टांगरी नदी में जब पानी आया तो उन्हें दुकान को खाली करने का समय नहीं मिला। इस बार भी उनकी दुकान और घर में पानी घुस जाने से सामान खराब हुआ है। उन्होंने कहा कि अभी तक मुआवजे को लेकर कोई चर्चा नहीं हो रही है, यह बात हमें काफी कष्ट पहुंचा रही है। इसी प्रकार न्यू टैगोर गार्डन निवासी बृजमोहन ने बताया कि अभी तक मेरे घर के सामने गली में पानी और गाद भरे हुए हैं। बच्चों को इसी के बीच से होकर स्कूल जाना पड़ता है। हमारा तो विश्वास ही उठ रहा है। पिछली बार हमने 250 रुपये का फार्म लिया था, इसे भरकर जमा भी करा दिया पर कोई भरपाई नहीं हुई। इस बार भी सैकड़ाें लोगों का नुकसान हुआ है।
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कोई मिलने आया न फार्म भरे

न्यू अमन नगर निवासी मोहित ने बताया कि दो साल पहले बाढ़ का पानी घर में घुस गया था, जिससे बेड, अलमारी व अन्य सामान खराब हो गया था। कई दिन तक धूप में बाहर रखने से यह सामान टूट भी गया। उस समय नुकसान की भरपाई के लिए नगर परिषद में फार्म भरा था, इसके बावजूद कोई मुआवजा नहीं मिला। इस बार भी आपदा में नुकसान हुआ है। अभी तक न तो कोई उनसे मिलने आया और न ही कोई फार्म भरे जा रहे हैं। इसी प्रकार टांगरी नदी के निकट बनी कॉलोनी निवासी खुशबू का कहना था कि दोनों बार टांगरी नदी के पानी ने उन्हें काफी नुकसान पहुंचाया। कुछ सामान को तो हमने बचा लिया पर बेड व घर का अन्य सामान नहीं बचा सके। कपड़े भी खराब हो गए। मुआवजे की अभी तक कोई चर्चा नहीं है। पिछली बार सिर्फ फार्म भरवाकर हमें हमारे हाल पर छोड़ दिया।



वर्ष 2023 में बाढ़ : 12 हजार लोगों ने किया था आवेदन

टांगरी बांध के पास की कॉलोनियों ने वर्ष 2023 में करीब 12 हजार लोगों ने नुकसान के लिए नगर परिषद के पास आवेदन किया था। अधिकांश को मुआवजा नहीं मिला। यहां तक कि फार्म भरते समय लोगों को काफी संघर्ष भी करना पड़ा था। इस बार सरकार ने किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए ई-क्षतिपूर्ति पोर्टल को खोला है। वहीं जिन लोगों के घरों की छत गिरी है या पशु दबकर मरे हैं उनसे ही नुकसान की जानकारी ली जा रही है। अन्य आपदा प्रभावित लोगों के लिए अभी तक कोई घोषणा नहीं हुई है।


अभी क्षतिपूर्ति पोर्टल पर फसलों के नुकसान के आवेदन लिए जा रहे हैं। जिन लोगों के घरों की छत गिरी है या पशु मरे हैं उनकी जानकारी भी ली जा रही है। अन्य किसी प्रकार के मुआवजे के लिए अभी आदेश नहीं मिले हैं। पिछली बार बाढ़ में नुकसान के फार्म भरवाए गए थे, कुछ को मुआवजा दिया भी गया था। यह पहले का मामला है इसलिए अधिक जानकारी नहीं है।
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विनेश कुमार, एसडीएम, अंबाला छावनी

न्यू टैगोर गार्डन में अभी तक लोग टांगरी नदी के पानी व गाद से जूझ रहे हैं। संवाद

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