अंबाला। वित्त राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग ने कथित रूप से 370 पटवारियों पर भ्रष्टाचार और बाहरी लोगों से काम कराने के आरोप लगाए हैं। इसमें अंबाला के पांच पटवारियों को चिह्ति किया है।
इन पर आरोप है कि यह बाहरी व्यक्तियों के माध्यम से रुपये लेकर लोगों के काम करते हैं। इसमें अंबाला कैंट तहसील से दो पटवारी, अंबाला शहर, नारायणगढ़ और बराड़ा तहसील से एक-एक पटवारियों के नाम सामने हैं। इस वायरल हो रहे विभागीय आदेश में इन पटवारियों की ओर से भ्रष्टाचार के लिए बाहरी व्यक्तियों तक के नाम उजागर हैं।
इसके अलावा इस मामले में संबंधित पांचों पटवारियों पर कार्रवाई की तलवार लटक रही है। खास बात यह है कि इनमें से कुछ पटवारियों का यह खेल वर्ष 2021 से भी पहले से चल रहा है। तब भी इनमें से कुछ बाहरी व्यक्ति दबिश में पकड़े थे।
इन पटवारियों पर यह लगे हैं आरोप
18 माह से अंबाला छावनी तहसील में कथित तौर पर तैनात पटवारी पर आरोप है कि उसने एक बाहरी व्यक्ति को सहायता के लिए रखा है। जोकि अंबाला शहर का निवासी है। इसके माध्यम से सुविधा शुल्क लिया जाता है। इसी प्रकार एक अन्य पटवारी पर आरोप है कि अंबाला छावनी तहसील में अपनी सहायता के लिए एक युवक को रखा है। इसके माध्यम से सुविधा शुल्क लेता है। इसी प्रकार अंबाला शहर तहसील में तैनात पटवारी पर आरोप हैं कि इंतकाल, जमीन पैमाइश, जमीन रिकॉर्ड दुरुस्त करने, नक्शा बनाने आदि सभी कार्य करने के बदले लाेगों को परेशान करते हैं। वहीं रिश्वत लेने का भी आरोप लगाया है। इसी प्रकार नाराणगढ़ तहसील में दो वर्ष से तैनात पटवारी ने भी सहायक के रूप में एक युवक को रखा है। जो लोगों से सुविधा शुल्क लेता है। इसी प्रकार बराड़ा तहसील में चार वर्ष से तैनात पटवारी पर भी लोगों को विभिन्न कार्यों के लिए परेशान करने और भ्रष्टाचार के आरोप लगे हैं।
रोडवेज जीएम और आरटीए सचिव ने दी थी दबिश
अंबाला छावनी के पटवारी खाने में वर्ष 2021 में जमकर पटवारियों का खेल चल रहा था। उस समय पूर्व पार्षद ओंकार नाथी ने शिकायत देते हुए आरोप लगाए थे बाहरी लोग पटवारखाने में भ्रष्टाचार कर रहे हैं। तब तत्कालीन गृहमंत्री अनिल विज ने शिकायत पर जांच के आदेश दिए थे। इस मामले में जीएम रोडवेज और आरटीए सचिव ने कैंट के पटवारखाने में दबिश दी थी, तब पटवारखाने में एक बाहरी व्यक्ति मिला जो फाइल लेकर बैठा था। पूछताछ के बाद उसके दो मोबाइल जब्त किए गए थे।