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पहले दिन 24350 छात्र-छात्राएं पहुंचे स्कूल

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राजकीय माध्यमिक स्कूल खुलने के साथ ही शिक्षा विभाग द्वारा की गई व्यवस्थाओं की पोल खुल गई। जिलेभर के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में कुल 24 हजार 350 विद्यार्थियों ने कक्षाएं लगाई। इस दौरान विभाग की ओर से किये गये दावे हवाई साबित हुए। स्थिति यह थी कि कैंट राजकीय स्कूल नन्हेड़ा में एक ही कमरे में दो कक्षाओं के छात्रों को बिठाया गया। वहीं, बहुत से स्कूल ऐसे भी थे, जिनमें थर्मल स्क्रीनिंग की व्यवस्था नहीं थी और छात्रों को बिना अनुमति पत्र के केवल अभिभावकों से बात कर स्कूल में बिठा लिया गया।
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लगभग तीन माह बाद शुक्रवार को छठी और आठवीं कक्षा के विद्यार्थी स्कूल पहुंचे। इस दौरान जगह-जगह कोरोना नियमों की अनदेखी की गई। यह स्थिति तब है जबकि कोरोना की तीसरी लहर की आशंका जताई जा रही है और सबसे अधिक खतरा बच्चों को बताया जा रहा है। स्कूल खुलने से पहले शिक्षा विभाग की ओर से आवश्यक इंतजाम के दावे किये गये, लेकिन पहले ही दिन इसकी अनदेखी नजर आई। राजकीय स्कूल जंडली में कक्षा के दौरान कुछ छात्रों ने मास्क नाक से नीचे किया हुआ था, हालांकि अध्यापक के कहने पर छात्रों ने तुरंत मास्क लगा लिए। इस स्कूल में छठी कक्षा में 13, सातवीं में 11, आठवीं में 9 छात्र और कुल 34 छात्र स्कूल पहुंचे थे। राजकीय स्कूल पुलिस लाइन में जांच के बाद छात्रों को कक्षा में बुलाया गया, लेकिन कक्षा में छात्रों को बिठाते हुए अध्यापक कोरोना नियम भूल गए। छोटी कक्षा में ही एक बेंच पर दो छात्रों को बिठाया गया। इस स्कूल में छठी से लेकर 12 तक कुल 542 छात्र पहुंचे। इसमें छठी से आठवीं में 126 तो नौंवी से बारहवीं में 416 बच्चे पहुंचे। राजकीय स्कूल मॉडल टाउन में भी स्वयं अध्यापक मास्क नीचे किये नजर आये। इस स्कूल में छठीं कक्षा में 11, सातवीं में 11 और आठवीं नंबर 7 छात्र पहुंचे। जिले भर में छठीं से आठवीं में सरकारी स्कूल में 7366 और प्राइवेट में 1834 छात्र स्कूल पहुंचे। ऐसे ही नौवीं से 12वीं में सरकारी स्कूल में 10 हजार 767 और प्राइवेट स्कूल में 4 हजार 333 छात्र पहुंचे।
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यह बोले छात्र
कोरोना काल के बाद स्कूल खुले हैं। ऑनलाइन पढ़ाई में काफी परेशानी होती थी, इस कारण जब स्कूल खुलने का पता चला तो हम स्कूल आ गए। अब हम कक्षा में बैठकर अच्छे से पढ़ाई करेंगे, जिससे परीक्षा में अच्छे नंबर आ सके।
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- तान्या।
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जब पता चला कि छठी से आठवीं के भी स्कूल खुल रहे हैं तो हमने तैयारी शुरू कर दी थी। अब पाठशाला खुली तो हम स्कूल पहुंचे हैं। अब कक्षा में बैठकर पहले जैसे तैयारी करेंगे। क्योंकि कोरोना काल में हमारा काफी सिलेबस छूट गया था।
-सुहानी।
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ऑनलाइन पढ़ाई में काफी परेशानी होती थी। अब जब स्कूल खुले हैं तो हम स्कूल में आकर पढ़ाई कर रहे हैं। काफी समय बाद स्कूल में आकर अच्छा लग रहा है, जो पढ़ाई प्रभावित हुई, वह भी काफी हद तक कवर हो जाएगी।
- किरण।
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हम स्कूल पहुंचे है और पढ़ाई कर रहे हैं, जिससे कि ऑनलाइन पढ़ाई से दूर होकर हम कक्षा में बैठकर पढ़ाई को जारी रख सकेंगे। क्योंकि ऑनलाइन पढ़ाई में काफी परेशानी होती थी और अच्छे से पढ़ाई भी नहीं होती थी। अब हम कक्षा में बैठकर अच्छे से पढ़ाई कर सकेंगे।
- चांदनी।
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हमारी ओर से आदेश जारी किए गए हैं। सभी स्कूलों को नियमों का पालन करने के लिए कहा गया है। चेकिंग के दौरान अगर कहीं कमी मिलती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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- सुरेश, डीईओ, अंबाला।
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