जिला नागरिक अस्पताल में अब जल्द ही एक करोड़ 15 लाख रुपये की लागत से फायर हाईड्रेंट सिस्टम इंस्टाल कर दिए जाएंगे। इसके लिए करीब दो साल से जद्दोजहद चल रही थी। अगस्त 2020 में इसके लिए 1.15 करोड़ रुपये की राशि स्वास्थ्य विभाग ने पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के खाते में ट्रांसफर भी कर दी थी, लेकिन किसी न किसी कारण से योजना लटकती आ रही थी। अब इसके पूरे होने की आस जग गई है। पीडब्ल्यूडी विभाग ने इसके लिए टेंडर फ्लॉट कर दिए हैं। बस अब कभी भी वर्क अलाट कर कार्य शुरू करवा दिया जाएगा।
फायर हाईड्रेंट सिस्टम नहीं होने के कारण जिला नागरिक अस्पताल में न केवल मरीजों बल्कि यहां के स्टाफ की जान पर भी हमेशा खतरा बना रहता है। पांच दिन पहले जिला नागरिक अस्पताल की ओटी में इनवर्टर-बैटरी के शार्ट-सर्किट के चलते आग लग गई थी, जिसे करीब 15 छोटे अग्निशमन यंत्रों की मदद से करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद बुझाया जा सका था। इससे पहले भी निक्कू वार्ड के पास आगजनी की घटना यहां गत वर्ष हुई थी। गनीमत यह रही कि इन दोनों आगजनी की घटनाओं का समय रहते पता चलने पर स्थिति पर काबू पाया लिया गया था। बार-बार हो रही घटनाओं से स्वास्थ्य विभाग बेहद चिंतित था, लेकिन अब फायर हाईड्रेंट सिस्टम इंस्टाल होने से यह सारी दिक्कतें दूर हो जाएंगी और नागरिक अस्पताल पूरी तरह से आगजनी की घटना से सुरक्षित कर लिया जाएगा।
सवा लाख लीटर वाटर की होगी फायर हाईड्रेंट टैंक की क्षमता
जिला नागरिक अस्पताल में लगाए जाने वाले फायर हाईड्रेंट टैंक की क्षमता करीब सवा लाख लीटर पानी की होगी। इसमें से करीब एक लाख लीटर पानी की व्यवस्था भूमिगत स्तर पर की जाएगी, जबकि 20 हजार लीटर पानी की क्षमता की व्यवस्था प्रथम तल पर की जाएगी। इसके लिए हर फ्लोर पर पाइप लाइन बिछाने का काम किया जाएगा। बता दें कि फायर हाईड्रेंट पाइप लाइनों का समूह होता है। यह अंडर ग्राउंड या द ग्राउंड बिछाया जाता है। जो जमीन के नीचे होते हैं उनका ग्राउंड हाईड्रेंट और जो जमीन के ऊपर होते हैं उन्हें पिलर या पोस्टपेड कहा जाता है। फायर हाईड्रेंट आग पर काबू पाने वाले सभी सिस्टम से लैस होता है।
रोजाना दो हजार की होती है ओपीडी
जिला नागरिक अस्पताल में औसतन 2 हजार मरीजों की ओपीडी होती है। हालांकि कोरोना के चलते यह संख्या फिलहाल अब औसतन 1200 से 1300 चल रही है। इसी तरह रोजाना यहां औसतन पांच आपरेशन भी होते हैं। वर्तमान में नागरिक अस्पताल की क्षमता 200 बेड की है जोकि नई बिल्डिंग का काम पूरा होते ही 300 की हो जाएगी।
एनक्वास की टीम ने जताई थी आपत्ति
नेशनल क्वालिटी इंश्योरेंस स्टैंडर्ड टीम ने वर्ष 2019 में नागरिक अस्पताल का दौरा किया था। इस दौरान टीम को कई खामियां मिली थीं। ओटी से निकलने और प्रवेश का केवल एक ही रास्ता था। इस पर टीम ने प्रवेश और निकासी के लिए अलग-अलग द्वार की व्यवस्था के आदेश दिए थे। इतना ही नहीं टीम को यहां वाटर हाईड्रेंट सिस्टम भी नहीं मिला था। इसीलिए टीम ने इस पर चिंता प्रकट करते हुए इसकी व्यवस्था के निर्देश दिए थे। इसके बाद से ही स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए प्रयास शुरू कर दिए थे।
पुरानी बिल्डिंग के साथ नई और ट्रामा सेंटर भी किया जाएगा कवर
वाटर हाईड्रेंट सिस्टम और फायर फाइटिंग सिस्टम से अब न केवल पुरानी बिल्डिंग को कवर किया जाएगा, बल्कि ट्रामा सेंटर और बनाई जा रही 100 बेड की नई बिल्डिंग को भी कवर किया जाएगा। इस तरह पूरी तरह से जिला नागरिक अस्पताल को आग से बचाने की योजना को अमलीजामा पहनाने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
फायर हाईड्रेंड के लिए टेंडर फ्लाट कर दिए गए हैं। अब जल्द ही वर्क ऑर्डर जारी कर कार्य को शुरू करवा दिया जाएगा।
- निशांत, एक्सईएन पीडब्ल्यूडी अंबाला।
हमने फायर हाईड्रेंट के लिए पीडब्ल्यूडी बीएंड आर के खाते में राशि ट्रांसफर कर दी थी। अब सारा काम और टेंडर अलाट करने की प्रक्रिया पीडब्ल्यूडी को पूरी करनी है।
- डॉ. आदिती, एमओ एडमिन।