दिवाली पर जिले में जहां दो मकानों सहित सात जगह आगजनी की घटनाएं हुईं, वहीं करीब 15 लोग पटाखों से झुलस गए। इनमें महिलाओं के अलावा बच्चे भी शामिल हैं। दमकल कर्मचारियों की हड़ताल के बीच रोडवेज कर्मचारियों को आग बुझाने के लिए जगह-जगह मशक्कत करनी पड़ी।
फ्रेंड्स कॉलोनी अंबाला सिटी स्थित बंद पड़े मकान में आतिशबाजी के कारण मकान के स्टोर में आग लग गई। कपिल शर्मा ने बताया कि कोई राकेट रोशनदान से स्टोर में जा घुसा और आग लग गई। स्टोर में सर्दियों के कपड़े और सात अटैची रखी थी, जो जलकर राख हो गई। दूसरी तरफ सेक्टर-1 स्थित मकान के वॉशरूम में आग लगी। रोशन दान के जरिए पटाखे की चिंगारी से लगी आग में वाशिंग मशीन सहित अन्य सामान जल गया। इसके अलावा अंबाला कैंट में पूजा पेट्रोल पंप के नजदीक साइंस की फैक्टरी में रखे खाली डिब्बों में आग लगी। हाउसिंग बोर्ड में घर की छत पर रखी पराली तथा नारायणगढ़ के कालाअंब स्थित शिव शक्ति इलेक्ट्रिकल के पास खाली गत्तों में आग लगी, जबकि छावनी के नन्हेड़ा स्थित चिकन कॉर्नर की छत पर रखी पराली में आग लग गई। इसके अलावा ओमैक्स के फ्लैट में मामूली सी आग लगी।
आग से झुलसने वालों में अंबाला कैंट के कच्चा बाजार निवासी अनिकेत, राजन, संजय व सोनिया कॉलोनी निवासी सुनैना, राजापार्क निवासी रजत, महेश नगर शिव मंदिर के निकट अरुण शामिल हैं। इसके अलावा अंबाला शहर सेक्टर-1 से मंजू अरोड़ा, बलदेव नगर से गिरीश, जगाधरी गेट से राजविंद्र कौर और मोहित झुलस गए। बराड़ा से मनीष, अंजलि, कुश और नारायणगढ़ से राजन, इंद्रजीत पटाखों से झुलस गए।
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धुएं से जलन की शिकायत, आंखों
की ओपीडी में पहुंचे छह मरीज
पटाखों के धुएं से हो रही दिक्कत के बाद छावनी नागरिक अस्पताल में मंगलवार को छह मरीज आंखों की ओपीडी में पहुंचे और उपचार करवाया। दयाल बाग निवासी अंजना, मोहित का कहना था कि अचानक से बम फटने के बाद उनकी आंखों में धुआं चला गया, जिससे पूरी रात जलन होती रही। इसके बाद वे सुबह उपचार के लिए अस्पताल पहुंचे।
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