- आग की तीन घटनाओं से उद्यमियों को हो चुका करोड़ों का नुकसान, विभाग बता रहा कर्मचारियों की कमी
माई सिटी रिपोर्टर
अंबाला। साहा इंडस्ट्रियल एरिया में आग से सुरक्षा के इंतजाम कागजों तक सीमित नजर आ रहे हैं। तीन महीनों में यहां आग लगने की तीन बड़ी घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें कारोबारियों को करोड़ों का नुकसान उठाना पड़ा है। इसके बावजूद इतने बड़े औद्योगिक क्षेत्र में एक भी फायर ब्रिगेड की स्थायी गाड़ी तैनात नहीं की जा सकी है।
हैरानी की बात यह है कि कैबिनेट मंत्री अनिल विज के निर्देशों के बावजूद प्रशासनिक अमला और अग्निशमन विभाग इस पर गंभीर नहीं दिख रहा है। वर्ष 1995 में विकसित होना शुरू हुआ साहा इंडस्ट्रियल एरिया आज जिले के प्रमुख औद्योगिक केंद्रों में शामिल है। वर्तमान में यहां लगभग 270 यूनिटें कार्यरत हैं, जिनमें हजारों कर्मचारी सेवाएं दे रहे हैं। इस क्षेत्र में वैज्ञानिक उपकरणों से लेकर आधुनिक इलेक्ट्रिक स्कूटी तक के निर्माण की बड़ी यूनिटें स्थापित हैं। इसके बावजूद यहां सुरक्षा तंत्र रामभरोसे चल रहा है।
बीते दिनों एक फैक्टरी में लगी भीषण आग के दौरान एक साइंस व ग्लासवेयर कारोबारी का करीब 25 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने मौके का दौरा किया था। उन्होंने अग्निशमन विभाग के अधिकारियों को साहा इंडस्ट्रियल एरिया में तुरंत प्रभाव से एक फायर ब्रिगेड की गाड़ी और दो कर्मचारियों की तैनाती के निर्देश दिए थे।
इंडस्टि्रयल एरिया में हुए हादसे
12 मार्च : फूड सप्लीमेंट बनाने वाली कंपनी न्यूट्रीवेल में आग लगी। इस आग पर काफी मुश्किल से काबू पाया जा सका। अग्निशमन विभाग को चार से पांच घंटे संघर्ष करना पड़ा था।
12 जून : सुपरटेक कंपनी की फैक्टरी में आग लगी। कई घंटे और आसपास के जिलों से फायर की गाड़ियां मंगाने के बाद आग पर काबू पाया जा सका। फायर की गाड़ियों को एक फैक्टरी से ही पानी का इंतजार करने पड़ा था।
संसाधनों और स्टाफ की भारी किल्लत
साहा इंडस्ट्रियल एरिया की सुरक्षा का जिम्मा फिलहाल कैंट के अग्निशमन विभाग के पास है। अंबाला सिटी के पास 16, नारायणगढ़ के पास 8 और अंबाला कैंट के पास 10 गाड़ियां उपलब्ध हैं, जिनके भरोसे पूरे क्षेत्र की सुरक्षा का जिम्मा है। इसके अलावा विभाग खुद कर्मचारी संकट से जूझ रहा है। अंबाला सिटी में 25 और कैंट में 39 कर्मचारियों के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। फायर ऑफिसर पंकज कुमार ने बताया कि कर्मचारियों और संसाधनों की कमी के कारण स्थाई रूप से गाड़ी नहीं भेज सके। हम कम समय में घटना स्थल पर पहुंच रहे हैं।
विभागों की उदासीनता
साहा इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के प्रधान राजबीर चौधरी का कहना है कि यदि एचएसआईआईडीसी, स्थानीय प्रशासन और अग्निशमन विभाग ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए, तो कोई बड़ा हादसा कभी भी भारी जनहानि का कारण बन सकता है। औद्योगिक क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर जिम्मेदार विभागों की यह उदासीनता किसी बड़े खतरे को खुला निमंत्रण दे रही है।