शाहजादपुर। फर्जी दस्तावेज और पटवारियों की मिलीभगत से करोड़ों की जमीन हड़पने के एक मामले में पुलिस ने अदालत के आदेश पर प्राथमिकी दर्ज की है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी (नारायणगढ़) डॉ. जितेन्द्र कुमार के निर्देश और पुलिस जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी प्रदीप कुमार और हल्का पटवारी के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई है।
शिकायतकर्ता राजपाल और कुलदीप (निवासी रामपुर) ने अदालत में याचिका दाखिल कर बताया कि वर्ष 1979 में उनके पूर्वजों (जोती राम, बचना, मंशा राम और तुंगल) ने मिलकर 9 कनाल 1 मरला जमीन खरीदी थी। उस समय भूलवश इस जमीन का दाखिल-खारिज (इंतकाल) राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हो पाया था। आरोप है कि मुख्य आरोपी प्रदीप कुमार ने इस बात का फायदा उठाते हुए राजस्व अधिकारियों के साथ सांठ-गांठ की।
थाना शहजादपुर पुलिस की जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि आरोपी प्रदीप कुमार ने तत्कालीन पटवारी पुष्पिंदर के साथ मिलीभगत कर पहला इंतकाल दर्ज कराया। इसके बाद पटवारी महेश कुमार के साथ मिलकर दूसरा विरासत इंतकाल अपने नाम करवा लिया। जांच में पाया गया कि नायब तहसीलदार अमित वर्मा से पटवारी ने रूटीन प्रक्रिया के तहत हस्ताक्षर करवाए थे, इसलिए नायब तहसीलदार और कंप्यूटर ऑपरेटरों की कोई संलिप्तता नहीं पाई गई। संवाद