वैक्सीन लगवाकर कोरोना महामारी से लड़ने की जंग अब तीसरे चरण तक पहुंच गई है। पहले हेल्थ वर्कर फिर पुलिस कर्मियों और अन्य विभागों के कर्मचारी वैक्सीन के लिए आगे आए अब तीसरे चरण में बुजुर्ग जोश से लबरेज दिखे। 60 से 85 साल तक के बुजुर्ग सोमवार सुबह ही नागरिक अस्पतालों में पहुंच गए थे। बुजुर्गों का कहना था कि जब पूरा देश विश्वास दिखा रहा है तो बुजुर्ग क्यूं पीछे रहे। इतना ही नहीं छावनी के नागरिक अस्पताल में खुद गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने अचानक वैक्सीनेशन हॉल में पहुंचकर जहां व्यवस्थाओं का जायजा लिया और बुजुर्गों का भी हौसला बढ़ाया।
दोपहर करीब डेढ़ बजे मंत्री विज अस्पताल में अपने टेस्ट करवाने के लिए पहुंचे थे। उन्हें लौटते समय अचानक वैक्सीन हॉल में पहुंच गए। रजिस्ट्रेशन काउंटर से लेकर तमाम जानकारी जुटाई। इस दौरान पीएमओ डॉ. राकेश कंसल ने मंत्री विज को कोविड की जागरूकता बुकलेट यानी मैगजीन भी दिखाई। उन्होंने कहा कि इस मैग्जीन के जरिए मरीजों को कोरोना वायरस के जानकारी देने के साथ-साथ वैक्सीन के लाभ और वैक्सीन के बाद बरती जाने वाली सावधानियों बारे भी जागरूक किया जाता है, ताकि एलर्जी, बुखार, चक्कर आने पर वह तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
सर्वर धीमा होने के कारण ऑफ लाइन भी हुई एंट्री
तीसरे चरण की शुुरुआत में ही कोविड वैक्सीन की एंट्री का मुख्य सर्वर ही धीमा पड़ गया। छावनी के नागरिक अस्पताल में स्थिति को संभालते हुए ऑनलाइन के साथ-साथ पहले ऑफलाइन एंट्री भी शुरू कर दी गई, ताकि किसी तरह का काम प्रभावित न हो हालांकि दोपहर में सर्वर दुुरुस्त हो गया था। वैक्सीन लगवाने के बाद कुछ बुजुर्ग अपने रिश्तेदारों से फोन के बात कर आधा घंटे का समय बिता रहे थे वहीं कुछ अपने साथ ही अखबार लेकर आए थे।
चमड़ी रोग से ग्रस्त मरीज का भी जाना हालचाल
वैक्सीनेशन हॉल के बाद मंत्री विज सीधा तीसरी मंजिल पर बने निजी कक्ष में मरीज का हालचाल जानने के लिए पहुंचे। कैथल के गांव रसीना निवासी 83 वर्षीय सारणी का हाल पूछा। बता दें कि सारणी मंत्री विज की सिक्योरिटी में तैनात मुलाजिम सुल्तान के पिता थे। वापस लौटते समय पीएमओ डॉ. राकेश ने हड्डी विशेषज्ञ डॉ. अश्वनी मोदगिल द्वारा की गई टोटल हिप रिप्लेसमेंट यानी पूरा कूल्हा बदलने के सफल ऑप्रेशन का भी जिक्र किया। इस पर मंत्री विज बोले कि अच्छा काम हो रहा है और आगे भी अस्पताल में इस तरह से काम चलते रहे।
बुजुर्गों के लिए ग्राउंड फ्लोर पर बनाया वैक्सीनेशन हॉल
छावनी के नागरिक अस्पताल में पहले आईपीडी ब्लॉक की दूसरी मंजिल पर वैक्सीन लगती थी और लोगों को लिफ्ट और सीढ़ियों के जरिए ऊपर जाना पड़ता था। विभाग ने तीसरे चरण के तहत बुजुर्गों की सहूलियत को देखते हुए ग्राउंड फ्लोर पर ही ब्लड बैंक के साथ ही वैक्सीनेशन हॉल बनाया दिया ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी न उठानी पड़े।
हिमाचल पुलिस से रिटायर्ड डीएसपी सत्संग विहार निवासी 84 वर्षीय बुजुर्ग जसबीर सिंह ने भी वैक्सीन लगवाई। पहले ही दिन जोश से भरे जसबीर सिंह बोले कि कोरोना से लड़ाई के लिए वैक्सीन बनी है तो हम सबको इसे लगवाकर डॉक्टरों और प्रशासन पर विश्वास दिखाना चाहिए।
सदर बाजार निवासी 74 वर्षीय सुनील मोहन ने कहा कि वैक्सीन आने के पहले दिन से उन्हें इंतजार था कि आखिर कब उनकी बारी आएगी। जब पूरा देश इस पर विश्वास जता रहा है तो उन्हें क्या डर। खुद लगवाने के बाद वह दूसरों को भी वैक्सीन लगवाने के लिए प्रेरित करेंगे।