फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भ्रूण लिंग जांच : मुख्य आरोपी के लिए साइबर सैल की मदद

विज्ञापन
विज्ञापन
अंबाला। साहा के मलिकपुर गांव में हुए भ्रूण लिंग जांच गिरोह के भंडाफोड़ मामले में पकड़े गए झोलाछाप डॉक्टर नरेंद्र कुमार सहित दोनों दलाल किरनदास और अवनीत को पुलिस ने जेल भेज दिया। कोर्ट में पेश करने के बाद उन्हें जेल भेजा गया।
विज्ञापन

उधर, इस मामले में पोर्टेबल मशीन लेकर फरार हुए यूपी सहारनपुर निवासी आकाश की गिरफ्तारी के लिए पुलिस प्रयास कर रही है। साइबर सैल की मदद से आरोपी की लोकेश का भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे कि उसे काबू कर इस गिरोह का फैले नेटवर्क का भंडाफोड़ किया जा सके। इसका उद्देश्य यह भी है कि पता लगाया जा सके कि आखिर उनके साथ और कौन-कौन संलिप्त है।
इस गिरोह के सदस्यों ने स्वास्थ्य विभाग की तरफ से भेजे गए डिकोय की जांच करने के बाद बताया था कि बधाई हो आपके बेटा है और पैसे ले लिए थे। स्वास्थ्य विभाग की टीम की दबिश के बाद आरोपियों से करीब 35 हजार रुपये बरामद हुए थे और समझौता 40 हजार रुपये में हुआ था। बता दें कि शातिर झोलाछाप कथित डॉक्टर आरोपी नरेंद्र कुमार अपनी क्लीनिक पर भ्रूण लिंग जांच कराता था। इसमें तीनों अन्य आरोपी उसका साथ देते थे। जो मुख्य आरोपी आकाश मशीन लेकर फरार हो गया है उस पर पहले भी कुरुक्षेत्र में इसी तरह का मुकदमा दर्ज है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें