अंबाला। शहजादपुर थाने की एएसआई कुलविंद्र कौर और हेड कॉन्स्टेबल गीता को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की टीम ने दबोचा है। बताया जाता है कि जमीनी विवाद में समझौता करवाने के एवज में 10 हजार रिश्वत की मांग की गई थी। इस संबंध में शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने दोनों आरोपियों को रंगेहाथ काबू कर लिया।
एसीबी इंस्पेक्टर बिमला ने बताया कि माजरा शहजादपुर निवासी विशाल सैनी की ओर से शिकायत की गई थी, जिसमें बताया गया था कि प्लाट को लेकर उनका विवाद चल रहा था, जिसमें उनकी मां राजकुमारी ने पुलिस को शिकायत दी थी।
इसमें बताया गया था कि मौजा माजरा रकबा 15 मरले, खसरा नंबर 175, खतौनी नंबर 23 खेवट 20 का हमारा प्लाट है। इस पर शिव कुमार नाजायज कब्जा करने का प्रयास कर रहा है, जबकि इसे लेकर सिविल कोर्ट नारायणगढ़ जिला अंबाला में उनका केस चल रहा है। इसमें उसे कोर्ट की ओर से स्टे मिला हुआ है। कोर्ट के स्टे ऑर्डर होने के बावजूद एक अक्तूबर को प्लाट पर दूसरे पक्ष ने जेसीबी मशीन द्वारा नींव खुदवा दी थी। उस समय मौके पर पुलिस भी पहुंची थी।
इस मामले में थाने में भी शिकायत की गई थी और दो बार पंचायत होने पर भी कोई नतीजा नहीं निकला था। आरोप है कि इस मामले में एएसआई और हेड कॉन्स्टेबल की ओर से समझौता कराने के नाम पर 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई थी। इस आशय की शिकायत के बाद एसीबी ने जाल बिछाया। योजना के तहत शुक्रवार की शाम को जैसे ही दोनों महिला मुलाजिमों ने रिश्वत लेने के लिए शिकायतकर्ता को थाने के पास बुलाया तो एसीबी की टीम ने गीता को रंगे हाथ रिश्वत लेते पकड़ लिया, जबकि एएसआई कुलविंद्र कौर भी उसके साथ थी। दोनों आरोपियों को एसीबी की टीम शनिवार को कोर्ट में पेश करेगी, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया जाएगा।
पहले दो लाख रिश्वत लेते पकड़ा गया था महेश नगर थाने का एएसआई
विदित हो कि 16 अक्तूबर को एंटी करप्शन ब्यूरो यानि एसीबी हेड क्वार्टर की टीम ने महेश नगर थाने के एएसआई को भी दो लाख रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा था। एएसआई को पंचकूला के मौली गांव से काबू किया गया था। आरोप है कि एएसआई ने पुराने मामले में आरोपी का नाम निकलवाने की एवज में रिश्वत मांगी थी। अब 11 दिन बाद की रिश्वत लेती एक महिला एएसआई और हेड कॉन्स्टेबल को काबू किया गया है।