अंबाला सिटी। सिटी बस स्टैंड पर शुक्रवार को हरियाणा रोडवेज कर्मचारी संघ व साझा मोर्चे के संयुक्त तत्वावधान में हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। कर्मचारियों ने बताया कि सरकार द्वारा पूंजीपतियों को 265 मार्गों पर असीमित प्राइवेट बस परमिट देने के निर्णय लिया गया है, मोर्चा उसका विरोध करता है। इस निर्णय के विरोध में दो दिवसीय हस्ताक्षर अभियान चलाया गया है। जिसमें हजारों की संख्या में आमजन व स्कूल कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने सरकार के विरोध में हस्ताक्षर किए।
मोर्चे के वरिष्ठ सदस्य जयबीर घणघस, इंद्र सिंह, रमेश श्योकंद, सर्वजीत सिंह आदि ने बताया कि सरकार द्वारा आमजन की सबसे सस्ती व सुरक्षित सरकारी परिवहन सेवा को निजी हाथों में सौंपना चाहती हैं। जबकि प्राइवेट परमिट देने के हक में न तो आमजन है और न ही रोडवेज कर्मचारी हैं। अगर यह प्राइवेट बस परमिट पॉलिसी लागू की गई तो इससे आमजन व रोडवेज कर्मियों को काफी नुकसान होगा। इस पॉलिसी के विरोध में प्रतिदिन हरियाणा के प्रत्येक जिले से सरकार प्राईवेट परमिट के विरोध में आमजन की बहुत शिकायतें मिल रही हैं। जिसपर सरकार को इस प्राइवेट पॉलिसी को वापिस लेकर प्रदेश की जनसंख्या आधार पर सरकारी बसें खरीदकर रोडवेज के बेड़े में शामिल करनी चाहिए, ताकि आमजन को और ज्यादा सुविधाएं मिल सकें।