- उत्तर प्रदेश, पंजाब और हरियाणा में दोनों पर भैंस चोरी व एनडीपीएस के तहत दर्ज हैं प्राथमिकी
- कालपी में जय दयाल की हत्या से पहले चोरी के कैंटर का रंग बदल लगाई थी नकली नंबर प्लेट
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। कालपी में 13 मार्च को हुई जय दयाल की हत्या के मामले में पुलिस मुठभेड़ में पकड़े गए दो आरोपी पिता-पुत्र अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्य निकले। सीआईए-1 की टीम ने जब आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड खंगाला तो भैंस चोरी, एनडीपीएस व आर्म्स एक्ट के 19 मामले दर्ज पाए गए। यह मामले फतेहाबाद, यमुनानगर, हिसार, लुधियाना, जालंधर, पटियाला, मोहाली, कपूरथला, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद व शामली में दर्ज हैं। आरोपी फरियाद व उस्मान का उत्तर प्रदेश के देवबंद में खुद का मकान है। भैंस चोरी की वारदात को अंजाम देने के लिए शातिर पंजाब में भी किराये पर रहते थे ताकि आसानी से वारदात को अंजाम दे सकें।
कालपी से पहले चोरी की कर चुके थे दो वारदात
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ है कि 13 मार्च को कालपी में भैंस चोरी के इरादे से दोनों पिता-पुत्र अपने एक पंजाब के साथी के साथ देवबंद से आए थे। वारदात के समय उन्होंने एक माह पहले ही चोरी किया हुआ कैंटर का इस्तेमाल किया था। पुलिस को चकमा देने के लिए कैंटर का पूरा रंग ही बदल दिया था व फर्जी नंबर प्लेट भी लगाई थी। चोरी करने के बाद आरोपी पंजाब में भैंस चोरी की दो वारदात को अंजाम दे चुके थे।
पशु पालक की कर दी थी हत्या
सीआईए-1 की टीम की टीम ने दोनों आरोपियों को 16 मार्च की रात मुठभेड़ के दौरान काबू किया था। बाइक सवार आरोपियों में से एक की टांग व एक के पैर में गोली लगी थी। दोनों अस्पताल में उपचाराधीन हैं। कालपी गांव में 13 मार्च को भैंस चोरी करने आए दोनों आरोपियों ने एक साथी के साथ मिलकर बुजुर्ग जय दयाल की गंडासीनुमा हथियार से हत्या कर दी थी। वहीं दूसरे बाड़े में चोरी करते पकड़े जाने पर बुजुर्ग पर एक के बाद एक 10 वार कर घायल कर दिया था।