- हादसे के बाद से गम में बेसुध पड़े, कई बार बिगड़ चुकी तबीयत
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। मन्नतों और दुआओं के बाद जन्मे निरवैर के अचानक जाने के गम में पिता मंजीत सिंह सदमे में है। बार-बार तबीयत बिगड़ रही है। डॉक्टरों की टीम भी घर पर मौजूद रहकर उनका समय-समय पर उपचार कर रही है। बुधवार को पोस्टमार्टम के बाद मिले शव का धन्यौड़ा गांव के ही श्मशानघाट में गमगीन माहौल के बीच संस्कार हुआ। गम में डूबे पिता के हाथ मुखाग्नि देने के लिए लड़खड़ाने लगे। आखिर में ताया गुरप्रीत सिंह ने उन्हें संभालते हुए खुद ही निरवैर को मुखाग्नि दी।
बार-बार निरवैर को याद कर बिलख रहा परिवार
पिता मंजीत बार-बार बेटे को याद कर बिलख उठते हैं। सांत्वना देने पहुंच रहे हर शख्स की आंखें पिता व परिवार की हालत देखकर नम होती रही। पिता मंजीत के साथ-साथ मां जसबीर कौर, दादा करनैल सिंह तीनों अभी तक उस हादसे से उभरे नहीं है। मां व परिवार की महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है।