अंबाला। किसान दूसरे दिन भी अंबाला-लुधियाना रेल सेक्शन पर डटे रहे। इससे कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहा। बुधवार को जहां लगभग 81 ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ था। वहीं वीरवार को इनकी संख्या 127 तक पहुंच गई। रेलवे ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए 50 ट्रेनों को पूर्णतौर पर रद्द कर दिया। जबकि 62 ट्रेनों को बदले मार्ग से गंतव्य स्टेशन की ओर भेजा गया। वहीं 15 ट्रेनों को बीच रास्ते रद्द करके पुन: संचालित किया गया। किसान आंदोलन के कारण आरपीएफ व जीआरपी भी पूरी सतर्कता बरत रही हैं। रेलवे ट्रैक के किनारे गश्त बढ़ा दी गई है और रेलवे स्टेशनों पर भी सादी वर्दी में सुरक्षा कर्मचारी तैनात कर दिए गए हैं। वहीं पंजाब के साथ लगती रेलवे लाइन की भी निगरानी की जा रही है।
जानकारी के अनुसार किसानों का ये धरना अनिश्चितकालीन के लिए है। इसलिए ट्रेनों के रद्द होने का खामियाजा यात्रियों को भुगतना पड़ा जोकि छोटे बच्चों व महिलाओं सहित घंटों रेलवे स्टेशन पर ही बैठे रहे।ट्रेनों के रद्द होने से और मार्ग परिवर्तित होने से यात्रियों को दिक्कत हो रही है और रेलवे को भी आर्थिक नुकसान हो रहा है। पिछले दो दिनों में रेलवे ने लगभग पांच लाख रुपये का रिफंड टिकटों के रद्दीकरण के तहत दिया है। इसमें अनारक्षित टिकटों के 2 लाख रुपये और आरक्षित टिकटों के लगभग 3 लाख रुपये का रिफंड शामिल है। किसान आंदोलन के कारण यात्रियों को ट्रेनों की जानकारी नहीं मिल रही थी। यात्रियों से जुड़ी इस परेशानी को अमर उजाला ने 18 अप्रैल को प्रमुखता से प्रकाशित किया। इस मामले को लेकर अब रेलवे ने अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन के मुख्य गेट पर ही सहायता केंद्र बना दिया है और यहां 24 घंटे के लिए कर्मचारियों की तैनाती भी कर दी गई है। जबकि विभागीय अधिकारियों को इस व्यवस्था के निगरानी के निर्देश भी दिए गए हैं ताकि यात्रियों की परेशानी कुछ हद तक कम हो सके। रेलवे ने खानपान स्टाल के संचालकों को भी सख्त निर्देश दिए हैं कि वो रेल नीर, जनता खाना व अन्य खाद्य व पेय पदार्थ निर्धारित मूल्य पर ही बेचें। अगर कोई भी स्टाल कर्मी अधिक रेट पर सामान बेचता पाया गया या यात्री की तरफ से शिकायत दी गई तो उसका स्टाल सील कर दिया जाएगा। इसकी निगरानी के लिए भी वाणिज्य विभाग के कर्मचारी तैनात कर दिए गए हैं। विभाग के अनुसार ट्रेन नंबर 04501 हरिद्वार-ऊना हिमाचल को अंबाला स्टेशन पर रद्द किया गया। इसी प्रकार ट्रेन नंबर 12903 को निजामुद्दीन, 14661 को दिल्ली, 12715 सचखंड एक्सप्रेस को अंबाला, 14735 को बठिंडा, 14526 को बठिंडा, 15211 जनसेवा को अंबाला रेलवे स्टेशन पर रद्द किया गया। वहीं कुछ ट्रेनों को बीच रास्ते रद्द करके उसी रेलवे स्टेशन से पुन: चलाया गया। इसमें ट्रेन नंबर 12904 को निजामुद्दीन से, 14662 को दिल्ली से, 12716 को अंबाला से, 14736 को बठिंडा से, 14525 को बठिंडा से, 15212 जनसेवा को अंबाला से, 14815 को अंबाला से और ट्रेन नंबर 04502 ऊना हिमाचल-हरिद्वार एक्सप्रेस को अंबाला से पुन: संचालित किया गया।
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पूर्णतौर पर रद्द ट्रेनें
ट्रेन नंबर 12460, 14681, 14682, 12497, 12498, 14508, 04577,04580, 04690, 04548, 04579, 04503, 04567, 04568, 04549, 04509, 04997, 04998, 04510, 04574, 04571, 04572, 04573, 04547, 04593, 04594, 04570, 04569, 04576, 04575, 14053, 12032, 12029, 14507, 12459, 12470, 22478, 04531, 14816, 04523, 14681, 14033, 14887, 12013, 12014, 04504, 04550, 12498, 04582 और ट्रेन नंबर 14510 बठिंडा-अंबाला को पूर्णतौर पर रद्द रखा गया।
बदले मार्ग से संचालित ट्रेनें
ट्रेन नंबर 15212, 12356, 12426, 13152, 12446, 20808, 14662, 15652, 19326, 11078, 22462, 12716, 12550, 14618, 15708, 14612, 12358, 12014, 22488, 22478, 18237, 12469, 11077, 14053, 13005, 12237, 13307, 15707, 12919, 11057, 12477, 20847, 22439, 12031, 14673, 14617, 22705, 12317, 12407, 15933, 22461, 22430, 11058, 12920, 14674, 12474, 12238, 18238, 13308, 13006, 15212, 12414, 14054, 12413, 12414, 22477, 22487, 12425, 12426, 14034, 22440, 14034 व 22402 ट्रेन को बदले मार्ग से गंतव्य की तरफ भेजा गया।
टैक्सी चालकों की चांदी
रेल मार्ग प्रभावित होने का नुकसान सबसे ज्यादा यात्रियों को हो रहा है। उन्हें अन्य रेलवे स्टेशनों पर उतरकर टैक्सी से गंतव्य तक पहुंंचना पड़ रहा है। जहां पहले अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन से चंडीगढ़ व पटियाला तक जाने के 1500 रुपये लिए जा रहे थे, अब वो किराया 2500 रुपये तक पहुंच गया है। वहीं जालंधर व अमृतसर जाने वाले यात्रियों से टैक्सी चालक सात से आठ हजार रुपये की वसूली कर रहे हैं जबकि पहले इन जगहों पर जाने के लिए पांच से छ हजार रुपये लगते थे।
किसान आंदोलन के कारण दूसरे दिन भी 127 के करीब ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहा। यात्रियों की परेशानी को देखते हुए दो अतिरिक्त रिफंड काउंटर बनाए गए हैं जोकि 24 घंटे कार्यरत हैं। वहीं यात्रियों की सहायता के लिए मुख्य गेट के नजदीक एक केंद्र भी बनाया गया है ताकि ट्रेनों सहित अन्य जानकारी यात्री आसानी से ले सकें।
नवीन कुमार, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल।
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