अंबाला सिटी। लखीमपुर हत्याकांड की पहली बरसी पर भारतीय किसान यूनियन (शहीद भगत सिंह) के किसानों ने सरकार के खिलाफ हल्ला बोला। सैकड़ों की संख्या में किसान उपायुक्त कार्यालय पहुंचे, वहां जमकर नारेबाजी की। इस दौरान किसानों ने केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी का पुतला फूंकते हुए विरोध जताया। वहीं मांगों को लेकर उपायुक्त के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों ने मुख्य रूप से मांग की है कि सरकार लखीमपुर में मारे गए पांच किसानों के परिवारों को उचित मुआवजा दे और न्याय दिलवाए। साथ ही अन्य मांगों के बारे में बताते हुए कहा कि अगर सरकार जल्दी ही उनकी मांगों को नहीं मानती तो उन्हें कोई बड़ा कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
किसान अमनदीप, सुखविंद्र, वजिंद्र कंबोज आदि ने बताया कि लखीमपुर खीरी हत्याकांड के मुख्य आरोपी अजय मिश्र टेनी को केंद्रीय गृह राज्यमंत्री के पद से बर्खास्त किया जाए। उसने पिछले साल तीन अक्तूबर को तिकोनिया, लखीमपुर खीरी उत्तर प्रदेश में शांतिपूर्ण आंदोलन कर लौट रहे किसानों पर गाड़ी चढ़ा दी थी। इस घटना में चार किसान और एक पत्रकार शहीद हो गए। वहीं 13 से अधिक किसान बुरी तरह घायल हुए थे। उन्हें भी मुआवजा नहीं दिया गया है। उन्होंने जेल में बंद किसानों की तत्काल रिहाई और फर्जी केसों का वापस लेने की मांग की। किसानों ने बताया कि शहीद हुए पांच साथियों के अंतिम संस्कार के दौरान पुलिस अधिकारियों की नेताओं से बातचीत हुई थी।
इस दौरान पुलिस ने कहा था कि वह किसानों को गिरफ्तार नहीं करेगी। जिन किसानों का नाम हमलावरों ने हत्या करने में लिखवाया है, उन्हें धारा 304 ए के तहत आरोपी बनाकर तुरंत जमानत देगी। इसके विपरित चार किसानों पर धारा 302 लगाकर जेल में डाला हुआ है जो पूरी तरह से गलत है।