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पुलिस को चेतावनी, नहीं होने देंगे ग्रामीणों की गिरफ्तारियां

Sat, 29 Aug 2015 01:27 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,अंबाला
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पिछले दिनों गांव मरदो साहिब में पशु चोरी करने आए युवकों से गांव में ठीकरी पहरा देने वाले ग्रामीणों की आधी रात को भिड़ंत हो गई थी। ठीकरी पहरा दे रहे ग्रामीणों ने दो चोरी के आरोपी व्यक्तियों को भैंस चोरी का प्रयास करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया था। जबकि चार चोरी के आरोपी भाग गए थे। इस दौरान दोनों पक्षों में भिड़ंत हुई और ग्रामीणों ने चोरी के दो आरोपियों को पीटकर अधमरा कर दिया था।
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दोनों घायल चोरी के आरोपी पीजीआई में उपचाराधीन थे। इनमें से एक आरोपी ने दम तोड़ दिया था। इसी घटना के बाद पुलिस ने चोरों के खिलाफ चोरी व ग्रामीणों पर जानलेवा हमला करने का और ग्रामीणों के खिलाफ एक चोरी के आरोपी की मौत की वजह से गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज कर लिया था। अब पुलिस इस मामले में ग्रामीणों की गिरफ्तारी करने की फिराक में हैं।

लेकिन इस बाबत इलाके के करीब पचास से ज्यादा गांवों के बाशिंदे पुलिस के खिलाफ खड़े हो गए हैं। शुक्रवार को गांव मरदों साहिब गुरुद्वारे में इसी मसले पर उक्त गांवों की बाशिंदों की महापंचायत रखी गई। जिसमें काफी सरपंच, पंच, नंबरदार, ग्राम सचिव व सैकड़ों ग्रामीण एकत्रित हुए। महापंचायत में उपस्थित 50 से ज्यादा गांवों के प्रतिनिधियों ने पुलिस को साफ चेतावनी दे दी है कि चाहे कुछ भी हो जाए, पुलिस एक भी ग्रामीण की गिरफ्तारी नहीं कर सकती। यदि पुलिस ने ग्रामीणों की गिरफ्तारी का प्रयास किया, तो पचास से ज्यादा गांवों के बाशिंदे थाने पहुंच जाएंगे। उसके बाद जो होगा, उसकी जिम्मेदारी पुलिस की होगी।
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महापंचायत में लिए फैसले व तर्क
-महापंचायत में ये फैसला लिया गया कि पुलिस पर दबाव बनाया जाएगा कि वे ग्रामीणों पर किया गया गैर इरादतन हत्या का केस वापस ले, क्योंकि चोरी के आरोपी छह युवकों ने पहले ग्रामीणों पर हथियारों से हमला किया था। ग्रामीणों ने अपने बचाव में उनसे मुकाबला किया। जिसमें चार चोरी के आरोपी भाग खड़े हुए और दो की पिटाई की गई।
-इस मामले में ग्रामीणों की गिरफ्तारियां न की जाए और इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाए।
-महापंचायत ने फैसला किया कि इस संबंध में 31 अगस्त को डीसी को ज्ञापन दिया जाएगा। जबकि राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री व डीजीपी को ज्ञापन सौंपेंगे।
- गांव में ठीकरी पहरा पुलिस लगवाती है। अब पुलिस बताए कि इस तरह की अनहोनी में ग्रामीण अपनी रक्षा कैसे करें? पुलिस ठीकरी पहरा देने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी सुनिश्चित करें, ताकि ऐसी घटनाएं न हो।
-ग्रामीणों की गिरफ्तारी नहीं होने दी जाएगी। इसके लिए चाहे कुछ भी करना पड़े।
पुलिस बढ़ाए गांवों में गश्त
महापंचायत में पुलिस से ये भी मांग की गई कि वे गांवों में दिन व रात में पुलिस अपनी गश्त बढ़ाए। सरपंच परमजीत सिंह बड़ौला, गुरदीप सिंह भानोखेड़ी, हरकेश मोहड़ी, जरनैल सिंह बड़ौला, सुरजा सिंह मटहेड़ी, सुखदेव सिंह गोबिंदगढ़, सुरेंद्र मोहन दुराना, डिंपल शर्मा भानोखेड़ी, बलकार सिंह, बलजिंद्र सिंह सुल्लर, हरपाल धन्यौड़ा, सुखदेव सिंह धन्यौड़ा, मस्तान ङ्क्षसह ठरवा, जय सिंह जलबेड़ा, कुलवंत खैरां, बलजिंद्र सिंह, बलविंद्र रवालों इत्यादि प्रतिनिधियों ने कहा कि गांवों में यदि पुलिस की गश्त नियमित होती रहे, तो मजाल है चोर पशु चुराने की हिम्मत करें। पुलिस गांव में गश्त बढ़ाएं और पशु चोरी की वारदातों को रोकें।
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