किसानों ने मंडी कार्यालय और गेटों पर सात घंटे तक जड़े ताले
- फोटो : किसानों ने मंडी कार्यालय और गेटों पर सात घंटे तक जड़े ताले
माई सिटी रिपोर्टर/संवाद करनाल/तरावड़ी। अनाज मंडी में धान की खरीद, तौलाई और उठान में देरी से परेशान किसानों का वीरवार को फिर गुस्सा फूट पड़ा। किसानों ने पहले मार्केट कमेटी कार्यालय पर ताला जड़ा। इसके बाद मंडी के मुख्य गेट भी बंद कर दिए। करीब सात घंटे तक मंडी में ताले लगे रहे।
सुबह 11 बजे लगाए गए ताले शाम करीब छह बजे तक बंद रहे। इस दौरान किसान सरकार और खरीद एजेंसियों के खिलाफ नारेबाजी करते रहे और अधिकारियों से फसल खरीद व्यवस्था पर जवाब मांगते नजर आए।
मौके पर पहुंचे नीलोखेड़ी एसडीएम अशोक कुमार, मार्केट कमेटी सचिव अरविंद टाया और तहसीलदार डीएसपी सोनू नरवाल भी किसानों को समझा नहीं पाए। इसके बाद शाम करीब छह बजे डीसी आनंद शर्मा ने फोन पर बात करके शुक्रवार को दोपहर 12 बजे खरीद शुरू करने और बाहर के मिलर्स लगाने का आश्वासन दिया तो किसानों ने ताला खोला। डीसी ने बताया कि रोजाना दोपहर 12 से दो बजे तक एसडीएम मंडी में निगरानी करेंगे।
किसानों का कहना था कि वे कई दिनों से धान की ढेरियां लेकर मंडी में बैठे हैं। कई किसानों की फसल की बोली और खरीद हो चुकी है लेकिन इसके बाद भी तौलाई और उठान नहीं हो रहा। खरीद प्रक्रिया धीमी होने के कारण उन्हें फसल बेचने के लिए कई दिन इंतजार करना पड़ रहा है। खरीदी गई फसल मंडी में पड़ी होने से उन्हें खराब होने और सुरक्षा की भी चिंता है।
दोपहर को नीलोखेड़ी एसडीएम अशोक कुमार, मार्केट कमेटी सचिव अरविंद टाया और तहसीलदार डीएसपी सोनू नरवाल ने किसानों से बात कर उनकी समस्याएं सुनीं।
खरीदी जा चुकी फसल की तौलाई और उठान भी जल्द शुरू कराने का भरोसा दिया गया। फिर भी किसान नहीं माने। ऐसे में मौके पर रात तक पुलिस बल भी तैनात रहा।
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