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Ambala News: बारिश के आगे किसान बेबस, धान में नमी का डर

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देशराज
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अंबाला सिटी। बारिश के कारण किसानों के धान ने नमी पकड़ ली है। अब जब तक ठीक से धूप नहीं निकलती तब तक किसान अपनी फसल काे बेच नहीं सकेंगे। सिर्फ अनाज मंडी ही नहीं बल्कि खेतों में खुले में जिन किसानों ने फसल को डाला था उनकी फसल भी गीली हो गई।
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ऐसे में अब किसानों को डर सता रहा है कि अगर मौसम ऐसा ही रहा तो उनकी फसल ठीक से सूख नहीं पाएगी और उसमें नमी बरकरार रहेगी। ऐसे में किसानों को डर है कि खरीद शुरू होने के बाद कहीं वह पिछड़ न जाएं। क्योंकि जिन फसलों में नमी की मात्रा सरकारी नियमों के अनुसार होगी उन्हें ही पहले खरीदा जाएगा। ऐसे में किसान धूप निकलने पर धान सुखाने का इंतजार कर रहे हैं।

दो वर्षों में इस बार घटा धान का रकबा

किसानों को मानना है कि अभी सरकारी खरीद शुरू होने में कई दिन पड़े हैं, इसलिए उसकी नमी को दूर करने के लिए उसे भी खुले में बिछाया जाएगा। वर्ष 2021 में जिले में 93946 हेक्टेयर में धान का रकबा था, जो 2022 में बढ़कर 104988 हेक्टेयर हो गया। इस वर्ष धान की फसल का रकबा पिछले दो वर्षों में घट कर 82838 हेक्टेयर रह गया है। जिसमें परमल हाइब्रिड और देसी धान 80190 हेक्टेयर में है तथा बारीक धान की किस्म 2648 हैक्टेयर में है। यह धान सबसे ज्यादा अंबाला-1 के एरिया में 2000 एकड में लगी हुई है। जिसमें से बारिक धान की 1509 किस्म अभी अंबाला शहर की अनाज मंडी में आई हुई है। हालांकि अंबाला-1 के नग्गल क्षेत्र में इस बार बाढ़ के कारण किसानों की सैकडों एकड धान की फसल नष्ट भी हुई है।
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यह कहना है किसानों का



तीन दिन से अनाज मंडी में पड़े
किसान नछत्र सिंह ने बताया कि वह तीन दिन से अनाज मंडी में पड़े हैं। आज उन्हें उम्मीद है कि शायद उनकी धान की भराई हो जाए। बारिश में धान भीग जाने के कारण अभी तक उसे सुखाया ही जा रहा है। उन्होंने 806 हाइब्रिड किस्म लगाई थी, क्योंकि इसके बाद वह आलू की फसल लगाते हैं। इसलिए उन्हें अगेती किस्म की धान लगानी पड़ती है।

भुगतान में हो सकती है देरी

किसान बलजीत सिंह ने बताया कि 7301 हाइब्रिड किस्म लगाई हुई है। उनकी धान की आढ़ती द्वारा भराई तो हो गई है लेकिन सरकार खरीद शुरू न होने से उनके खातों में रुपये देरी से आएगा। बारिश से उन्होंने अपनी धान को शैड व त्रिपाल की मदद से बचा तो लिया था लेकिन फिर भी उसे सुखाया गया। उम्मीद करते है कि सरकार जल्द से जल्द खरीद शुरू कराए।

बारिश के कारण धान में आई नमी

बुजुर्ग किसान देसराज ने बताया कि वह अनाज मंडी में 1509 बारीक धान की किस्म लेकर आए थे। लेकिन बारिश के कारण उसमें नमी आ गई थी। जिसे सुखाकर बारियों में भरा गया है। इस बारीक धान की किस्म को रेट 3500 से लेकर 4000 के बीच है। सरकार इस धान की जल्द ही खरीदारी शुरू करवाए।

वर्जन



इस साल जिले में 80190 हेक्टेयर में परमल हाईब्रिड वैरायटी व 2648 हैक्टेयर में बारिक धान की वैरायटी लगी हुई है। बाढ का असर सबसे ज्यादा अंबाला वन के नग्गल क्षेत्र में पडा है फिर भी किसानों ने परमल व बारिक धान सबसे ज्यादा अंबाला वन के एरिया में ही लगाई हुई है।
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जसविंद्र सैनी, जिला उप कृषि निदेशक, कृषि और कल्याण विभाग

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