मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर दिया धरना, एसडीएम के आश्वासन पर माने
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी/शहजादपुर। भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के बैनर तले बुधवार को किसानों ने शहजादपुर स्थित मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। सुबह 10 बजे बड़ी संख्या में किसान कार्यालय के बाहर जमा हो गए और नारेबाजी की। पोर्टल में खामी का आरोप लगाकर किसानों ने नायब तहसीलदार अमित वर्मा और कृषि खंड अधिकारी संकेत शर्मा का घेराव किया और एसडीएम नारायणगढ़ या डीसी को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। एक घंटे तक अधिकारी किसानों को समझाते रहे, मगर वे उच्चाधिकारियों से बात करने की मांग पर अड़े रहे।
भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के प्रदेश उपाध्यक्ष विक्रम राणा ने आरोप लगाया कि सरकार जानबूझकर किसानों को प्रशासनिक और तकनीकी पचड़ों में उलझा रही है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम नारायणगढ़ ने फोन पर किसान नेता विक्रम राणा से बात की।
उन्होंने आश्वासन दिया कि किसान पोर्टल पर सुधार की शिकायत दर्ज कराएं और नायब तहसीलदार अमित वर्मा तथा संकेत शर्मा व्यक्तिगत रूप से सभी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करेंगे। इस ठोस आश्वासन के बाद किसानों ने धरना समाप्त किया। इस दौरान पप्पू राणा, गुरजीत सिंह, बलजिंदर सिंह कोड़वा, जगतार सिंह रछेड़ी, लाभ सिंह, नाहर सिंह, नरेंद्र सिंह रछेड़ी, लखवीर सिंह और दलविंदर सिंह किसान उपस्थित रहे।
पोर्टल की गलतियों से अटके गेट पास
प्रदर्शनकारी किसानों का आरोप था कि फसल का समय पर पंजीकरण कराने के बावजूद उसका सही सत्यापन नहीं हो रहा है, जिसके कारण मंडियों में उनके गेट पास नहीं कट पा रहे हैं। इसके अलावा, धान खरीद पर 20 से 26 क्विंटल प्रति एकड़ की सीमा तय किए जाने से भी किसानों में असंतोष है। किसानों का मुख्य रोष मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल की तकनीकी खामियों और धान खरीद पर तय की गई सीमा को लेकर था।
किसान दलविंदर सिंह ने बताया कि उन्होंने 24 एकड़ में धान का रजिस्ट्रेशन कराया था, लेकिन केवल 15 एकड़ की ही वेरिफिकेशन हुई और बाकी फसल का रजिस्ट्रेशन काट दिया गया, जिससे वे मंडी में उपज नहीं बेच पा रहे हैं। वहीं, श्याम लाल ने बताया कि उनकी 10 एकड़ धान की फसल को पोर्टल पर पूरी तरह बासमती वेरीफाई कर दिया गया है, जबकि एक अन्य किसान गुरवीर सिंह के 10 एकड़ धान में से 3 एकड़ को बासमती दर्ज कर दिया गया है। इन विसंगतियों के चलते ये किसान अपनी फसल बेचने के लिए मंडियों में दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
किसानों ने सामने रखे तथ्य
हंगामे की सूचना मिलने पर पहले कानूनगो और दोपहर 12 बजे नायब तहसीलदार अमित वर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति संभालने का प्रयास किया, लेकिन किसानों ने दस्तावेज दिखाकर गलत सत्यापन जैसे धान पीआर की जगह बासमती या गलत रकबा दर्ज होने के तथ्य सामने रखे। बाद में एसडीएम नारायणगढ़ शिवजीत भारती के निर्देश पर कृषि विभाग के ब्लॉक अधिकारी संकेत शर्मा भी पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि विभाग का 99.5 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और मिसमैच फसल वाले किसान सीएससी सेंटर जाकर पोर्टल पर सुधार का अनुरोध डालें। हालांकि, जब एक किसान और अधिकारी ने मौके पर पोर्टल पर सुधार के लिए आवेदन करने का प्रयास किया, तो तकनीकी खामी के कारण वह रिक्वेस्ट फेल हो गई।
शहजादपुर में मार्केट कमेटी दफ्तर के बाहर बैठे किसान। संवाद
शहजादपुर में मार्केट कमेटी दफ्तर के बाहर बैठे किसान। संवाद