अंबाला। हरियाणा-पंजाब की शंभू सीमा के पास आंदोलन में बैठे किसानों ने रविवार को 12 बजे रेलवे ट्रैक रोक दिया। पहले तो किसान मैट बिछाकर बैठे गए और किसानों के विरोध में नीतियों पर रोष जताया। दोपहर के समय अचानक कुछ किसान ट्रैक पर ही उनसे कुछ दूरी पर आकर रुकी मालगाड़ी की तरफ बढ़ने लगे।
किसानों का कहना था कि वे इंजन पर चढ़कर प्रदर्शन करेंगे। इसकी भनक लगते ही पहले से मौजूद पंजाब पुलिस अलर्ट होकर ट्रेन के सामने पहुंच गई। पंजाब के पुलिस मुलाजिमों ने समझाने का प्रयास करते हुए कहा कि मालगाड़ी खाली है और खड़ी है, लेकिन इंजन के ऊपर से गुजरने वाली ओवर हैड वायर यानी ओएचई 12 हजार वाट के तार चल रहे हैं। ऐसे में एक छोटी सी लापरवाही बड़े हादसे को अंजाम दे सकती है। इसलिए किसान मालगाड़ी की तरफ न बढ़े। हालांकि कुछ किसान पुलिस अधिकारियों को ओएचई की ही बंद करवाने की मांग पर अड़ गए लेकिन पुलिस मुलाजिमों ने काफी प्रयासों के बाद किसान नेताओं को समझाया और जमा हुए किसानों को पीछे हटाकर राहत की सांस ली। जबकि किसानों के उठने तक भारी पुलिस बल रेलवे ट्रेक पर ही डटा रहा और किसानों पर शांति पूर्ण तरीके से अपनी नजर जमाए बैठा।
पहले मंच से संबोधन, फिर रेलवे ट्रैक पर बढ़े
रेल रोको आंदोलन के लिए शंभू सीमा में पंजाब की तरफ सुबह से ही किसान जुटने शुरू हो गए। 12 बजे से पहले तो किसान नेताओं ने आंदोलन के दौरान मंच से किसान विरोधी नीतियों को लेकर रोष जताया और सरकार से उनकी मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई। 12 बजते ही वह सीमा से महज 500 मीटर पर स्थित रेलवे अंडर ब्रिज के ऊपर ट्रैक पर पहुंच गए। हाथों में किसान यूनियन के झंडे लिए किसान पहले ही बैठने के लिए दरी और मैट आदि की व्यवस्था करके आए थे।
किसान नेताओं के घर पहुंचे नोटिस
रेल रोको आंदोलन से पहले ही किसानों ने उनके घर पुलिस द्वारा नोटिस भेजे गए। किसानों का कहना है कि नोटिस में आंदोलन में शामिल न होने का जिक्र है। साथ ही 11 मार्च को सीआईए टू कार्यालय में आकर जांच में शामिल होने की भी बात कहीं है। इस पर किसानों ने रोष जताया।