संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला सिटी। अंबाला में 6 माह पहले जैसा नजारा रविवार को एक बार फिर दिखाई दिया। करीब एक हजार से अधिक गाड़ियों व मोटर साइकिल पर किसान दिल्ली के लिए रविवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे शंभू बॉर्डर से दिल्ली के लिए रवाना हुए। शंभू बॉर्डर पर करीब दो किलो मीटर तक केवल किसानों की गाड़ियां ही दिखाई दे रही थी। किसानों की भीड़ से शंभू बॉर्डर पर करीब 2 घंटे तक जाम की समस्या रही।
किसानों का जोश बढ़ाने के लिए अंबाला पहुंचे भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढूनी के भाषण ने भी किसानों में एक नया उत्साह भर दिया। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक आवाज पर एक जिले के इतने अधिक किसान दिल्ली जाने के लिए एकत्रित हुए हैं कि सड़क पर पैर रखने तक की जगह नहीं है। अगर पूरे देश के किसानों को आमंत्रण दे दिया जाए तो सरकार के लिए स्थिति संभालना बहुत ही मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन अभी लंबा चलेगा, लेकिन जब तक सरकार कृषि कानूनों को वापस नहीं ले लेती है सभी किसानों ने अपना जोश और रोष ऐसे ही बरकरार रखना है।
वहीं किसानों की दिल्ली रवानगी के कारण शंभू बॉर्डर पर करीब 2 घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। दोनों तरफ सड़क पर गाड़ियां और किसान जमा होने के कारण पुलिस भी अमृतसर की ओर से आने वाले वाहनों को रास्ता दिलवाने में असमर्थ सी नजर आ रही थी। प्रयास करने के बाद भी किसान भी जाम की समस्या को दूर नहीं कर सके। करीब दो घंटे तक शंभू बॉर्डर पर वाहन चालक जाम में फंसे रहें। करीब 12 बजे के बाद जब किसानों का काफिला आगे बढ़ा और सभी गाड़ियां दिल्ली के लिए रवाना हुईं, तब जाम की समस्या खत्म हुई। पुलिस की ओर से एंबुलेंस व फायर ब्रिगेड की व्यवस्था की गई थी।
भाकियू की ओर से एलान किया गया था कि 6 जून को सभी किसान अपनी-अपनी गाड़ियों से दिल्ली की ओर रवाना होंगे। हम सुबह ही गाड़ी लेकर पहुंच गए। जब तक पदाधिकारियों की ओर से आदेश होगा हम किसान वहीं पर डटे रहेंगे। - रणवीर सिंह, किसान।
हम आंदोलन को जारी रखेंगे। तब तक सरकार तीनों कृषि कानूनों को वापस नहीं ले लेती है, हमारा प्रदर्शन इसी प्रकार जारी रहेगा। अभी दिल्ली जा रहे हैं। आगे जैसे आदेश आएंगे, उसी हिसाब से आंदोलन में भागीदारी करेंगे। - बिंदर सिंह, किसान।
यह आंदोलन केवल किसानों का नहीं है। सभी को इस आंदोलन का हिस्सा बनना होगा। जब तक कृषि कानून वापस नहीं हो जाते हम किसानों को ऐसे ही संघर्ष करना होगा। आज भी हम दिल्ली जा रहे हैं, जब तक आदेश होगा। तब तक वहीं पर रुकेंगे। - गुरवीर सिंह, किसान।
हम किसान आंदोलन में शुरू से ही पूरा सहयोग कर रहे हैं। जो भी संभव होता है मदद कर रहे है, अब दिल्ली जाकर आंदोलन को जोर देने का काम करेंगे, जिससे कि सरकार को इन कृषि कानूनों को वापस लेने के लिए मजबूर होना पड़े। - सिमरनजीत सिंह, किसान।
भाकियू जिलाध्यक्ष का मोबाइल चोरी
संबोधन के दौरान भाकियू जिलाध्यक्ष मलकीत सिंह की जेब कट गई। जेबकतरा भाकियू जिलाध्यक्ष का मोबाइल फोन ले गया। इसके बाद कई बार मंच से जेबकतरों और चोरों से सावधान रहने की घोषणा की गई, जिससे कि भीड़ में घूम रहे जेबकतरों और चोरों के बारे में अन्य लोगों को भी जानकारी मिल सके और वह सावधान रहें।