फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ambala: किसान संगठनों ने किसान दशहरा मनाया; आक्रोश में फूंका पुतला, पराली जलाने पर कार्रवाई को लेकर दिखे नाराज

Tue, 24 Oct 2023 03:28 PM IST
नवीन दलाल संवाद न्यूज एजेंसी, अंबाला (हरियाणा)

सार

अंबाला 18 किसान संगठनों ने कुछ समय पहले विजयदशमी के दिन किसान दशहरा मनाने का फैसला लिया था। इसी के तहत भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के पदाधिकारियों ने लखनौर साहिब गांव में किसान दशहरा मनाकर अपना विरोध सरकार काे दर्ज कराया।
विज्ञापन
किसान संगठनों ने मनाया किसान दशहरा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

किसान संगठनों ने मंगलवार को अंबाला सिटी के समीप लखनौर साहिब गांव में सरकार के फैसलों के विरोध में नारेबाजी करते हुए किसान दशहरा मनाया। आक्रोशित भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह से किसान नेताओं ने सरकार के विभिन्न चेहरों का फोटो लगाकर एक रावण बनाया जिसे आग के हवाले कर अपना विरोध जताया। इस दौरान किसान नेताओं का कहना था कि सरकार बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, सरकारी तंत्र को निजीकरण कर रही है किसान इसके विरोध में हैं।इसी कारण किसान दशहरा आयोजित किया गया। इस दौरान किसानों ने जमकर नारेबाजी की।

विज्ञापन


इसके साथ ही कॉरपोरेट की सरकार में भूमिका को लेकर भी विरोध किया गया। गौरतलब है कि करीब 18 किसान संगठनों ने कुछ समय पहले विजयदशमी के दिन किसान दशहरा मनाने का फैसला लिया था। इसी के तहत भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के पदाधिकारियों ने लखनौर साहिब गांव में किसान दशहरा मनाकर अपना विरोध सरकार काे दर्ज कराया। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन शहीद भगत सिंह के प्रधान गुरमीत सिंह माजरी ने कहा कि विजयदशमी के दिन रावण, मेघनाद, कुंभकर्ण का पुतला जलाया जाता है।

इसी प्रथा को बदलकर हम कार्पोरेट घरानों का पुतला दहन कर रहे हैं। क्योंकि इन्होंने 13 महीने तक दिल्ली में किसान आंदोलन के दौरान रोके रखा। सरकार ने कहा था कि तीनों कानूनों को वापस ले लिया है। मगर आज किसानों के पराली के चालान काटे जा रहे हैं। उन पर एफआईआर दर्ज की जा रही है। इस रोष को दशहरे वाले दिन हरियाणा सरकार का पुतला बनाकर जशन के साथ फूंक रहे हैं। हम अपनी सरकार और देश की जनता को जगा रहे हैं। किसान मजदूर देश के देवता हैं। कार्पोरेट हावी हो गए तो लोगों को दबकर काम करना होगा। वहीं किसान नेता जय सिंह जलबेड़ा ने कहा कि कार्पोरेट घरानों की नीतियों से हम खिलाफ हैं। यह पुतले इसी तरह फूंकेंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें