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सौगात: अब नहीं बहेगा सर्जरी में खून, हरमोनिक स्केलपल से होगी सर्जरी

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पेट की दुलर्भ सर्जरी करवाने की प्रतीक्षा कर रहे मरीजों को अब प्राइवेट अस्पताल में धक्के खाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इतना ही नहीं प्राइवेट अस्पताल में होने वाली सर्जरी पर लाखों रुपये खर्च भी नहीं करने होंगे। अंबाला छावनी नागरिक अस्पताल में ही मरीजों को यह सुविधा काफी सस्ते रेट पर मुहैया करवाई जाएगी। इसके लिए अस्पताल में 20 लाख की लागत से हारमोनिक फोकस स्केलपल मशीन आ गई है। इसी की मदद से अब दुर्लभ सर्जरियां आसानी से हो सकेंगी। इस मशीन के आने से न केवल अंबाला बल्कि अंबाला से सटे पंजाब, कुरुक्षेत्र और यमुनानगर तक के मरीजों को लाभ मिलेगा और सस्ते दाम पर सर्जरी हो सकेगी।
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जहां-जहां लगता है कट, वहां-वहां तुरंत लग जाते हैं टांके
इस मशीन से ट्यूमर जैसी कई क्रिटिकल बीमारियों में मरीज की सर्जरी की जाएगी। इस हारमोनिक फोकस स्केलपल उपकरण से मरीज के शरीर से सर्जरी के दौरान खून कम बहेगा और सर्जरी में समय भी कम लगेगा। वर्तमान की बात करें तो अंबाला से सटे पंचकूला में ही यह मशीन नागरिक अस्पताल में उपलब्ध है। इसके अलावा आसपास यह मशीन नहीं है। इसके अलावा इस मशीन का यूज प्राइवेट अस्पतालों में ही किया जाता है। इस मशीन से सर्जरी के वक्त जहां-जहां कट लगाया जाता है वहां तुरंत टांके लगाए जाते हैं और यही कारण है कि सर्जरी के वक्त खून भी नहीं बहता। इसके अलावा काफी बारीकी से टांके लगाने का काम भी मशीन करती है। साधारण सर्जरी में यदि 3 घंटे लगते हैं तो इस मशीन की सहायता से अब 1 घंटे में वह ऑपरेशन हो जाएगा।
इस तरह के ऑपरेशन में मिलेगी मदद
महिलाओं की बच्चादानी से रसौली निकालना एक जटिल प्रक्रिया होती है। क्योंकि इसमें ज्यादा रक्त बहाव का डर रहता है। इसी तरह पेट में ट्यूमर निकालने के लिए पेट को खोलना जरूरी है। ऐसे में वहां भी ज्यादा रक्त बहाव होता है। इसके अलावा चेहरे की सर्जरी में भी ज्यादा रक्त बहाव की संभावनाएं रहती हैं। दरअसल यह एक इलेक्ट्रानिक मशीन होती है। इसमें एक कटर होता है जिसे स्केलपल कहा जाता है। जबकि इलेक्ट्रानिक मशीन कटाई वाले हिस्से में छोटे-छोटे टांके लगाती जाती है ताकि खून का बहाव रोका जा सके।
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मशीन पहुंची,अभी इंस्टॉल होने में लगेंगे 3 से 4 दिन
अस्पताल में मशीन आ गई है लेकिन अभी इस मशीन को इंस्टॉल होने में 3-4 दिन लगेंगे। बता दें कि नागरिक अस्पताल से इस मशीन के लिए पिछले करीब दो साल पहले डिमांड की थी। राज्य ने अब इसे अस्पताल में भेजा है।
अस्पताल में मशीन आ गई है। इसे जल्द ही इंस्टॉल करवा दिया जाएगा। इसकी मदद से ऑपरेशन में आसनी होगी साथ ही खून का बहाव कम हो जाएगा। करीब दो साल पहले हमने इसकी डिमांड भेजी थी।
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डॉ. सतीश, सीनियर मेडिकल ऑफिसर
नागरिक अस्पताल
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