अंबाला सिटी। शहर के आम्रपाली रिजॉर्ट में शुक्रवार को भविष्य ज्योति कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें मुख्य अतिथि के तौर पर एडीसी अपराजिता पहुंची। उनके पहुंचने पर स्मृति चिह्न और पौधा देकर स्वागत किया।
उन्होंने सर्वप्रथम दीप प्रज्वलित किया। समारोह में सीबीएसई और हरियाणा बोर्ड के 10वीं और 12वीं कक्षा में स्कूल टाॅप करने वाले 150 विद्यार्थियों को पदक और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया। एडीसी अपराजिता ने विद्यार्थियों को सम्मानित किया। सम्मान पाकर मेधावियों के चेहरे खिल उठे। मेधावी विद्यार्थियों के साथ उनके अभिभावकों ने भी समारोह की सराहना की।
इस मौके पर एडीसी ने सभी मेधावी विद्यार्थियों को बेहतरीन परीक्षा परिणाम पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि अभी उनका समय अपना है। जब वे बड़े होंगे तो उनको अपना समय हिस्सों में बांटना पड़ेगा, नौकरी, परिवार और समाज के लिए अपना समय देना पड़ेगा, इसलिए वह अभी से अपने लक्ष्य को निर्धारित कर आगे बढ़ें। उन्होंने विद्यार्थियों को विभिन्न सेवाओं की परीक्षा उत्तीर्ण करने को लेकर भी प्रोत्साहित किया।
समारोह में मंच संचालन प्रोफेसर शालिनी शर्मा ने किया। वहीं, कलाधारा ग्रुप की ओर से सांस्कृतिक नृत्य की साहिल ने प्रस्तुति देकर तालियां बटोरीं। कार्यक्रम में वेन्यू पार्टनर आम्रपाली रिजॉर्ट से रिषभ जैन रहे।
मेधावी बोले, अंकों के लिए मेहनत जरूरी
शहर के एसए जैन सीनियर मॉडल स्कूल से 12वीं कक्षा में ईशा ने 94 फीसदी अंक प्राप्त किए। ईशा ने बताया कि वह बीटेक से पढ़ाई कर रही हैं। उसका सपना इंजीनियर बनकर देश की सेवा करना है। ईशा ने कहा कि रोजाना पढ़ने के लिए शेड्युल बनाना चाहिए।
शहर के पीकेआर जैन पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल के चाहत जैन ने 12वीं में 96.8 फीसदी अंक हासिल किए। चाहत ने बताया कि वह लॉ करना चाहती है। अभी उसको दाखिला लेना है। उसके लिए काउंसिलिंग चल रही है। चाहत ने बताया कि वह रोजाना सुबह जल्दी उठकर पढ़ती थी।
तोपखाना बाजार के एसडी गर्ल्स हाई स्कूल से रितु ने ने बताया कि उसने 11वीं कक्षा में दाखिला लिया है। वह कॉमर्स से पढ़ाई कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों को भी प्रोत्साहित किया कि अगर हम रोजाना विषय अनुसार सेल्फ स्टडी करें तो अच्छे अंक ला सकते हैं।
छावनी के जैन गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी से प्रीति ने बताया कि वह विदेश जाकर पढ़ाई करना चाहती है। प्रीति ने बताया कि वह स्कूल में पढ़ने के बाद घर आकर भी सिलेबस को रिवाइज करती थी। उसने रोजाना पढ़ने के लिए शेड्यूल बनाया था।
नारायणगढ़ डीएवी पब्लिक स्कूल के समर्थ सिंह आहलुवालिया ने बताया कि 11वीं कक्षा में नॉन मेडिकल से पढ़ाई कर रहे हैं। वह इंजीनियर बनना चाहते हैं। समर्थ ने बताया कि हमें अपने लक्ष्य को निर्धारित कर आगे बढ़ना चाहिए।
पाठशाला से हार्दिक ने बताया कि उसने 10वीं कक्षा में 95.6 फीसदी अंक लिए। अब वह विज्ञान संकाय से पढ़ाई कर रहे हैं। हार्दिक ने बताया कि उसने अच्छे लेने के लिए रोजाना पढ़ाई की और सभी विषयों के नोट्स भी बनाए।
छावनी के डीसी माॅडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल से चिराग धीमान ने बताया कि वह 11वीं में नॉन मेडिकल संकाय से पढ़ाई कर रहे हैं। इसके बाद कंप्यूटर से बीटेक करेंगे। उसका सपना इंजीनियर बनने का है।
तुलसी पब्लिक स्कूल से मनमोहन धीमान ने बताया कि उसने 12वीं में 89.6 फीसदी अंक लिए। अब वह कॉलेज में पढ़ाई करेंगे। अभी कॉलेज में काउंसिलिंग प्रक्रिया चल रही है।
आयोजन में इन्होंने निभाई अहम भूमिका
स्कॉलर द वीसा डेस्टिनेशन से संदीप सिंह ने बताया कि हम पढ़-लिखकर बड़े आदमी तो बन सकते हैं, लेकिन इसके साथ बड़ा और अच्छा इंसान बनना भी जरूरी है। उन्होंने युवाओं को भविष्य में विदेशों के पढ़ने संबंधित जानकारी भी दी।
एक्सपर्ट इमीग्रेशन के ब्रांच मैनेजर दिनेश शर्मा ने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया। साथ ही भविष्य के लिए बधाई दी। दिनेश शर्मा ने विद्यार्थियों को बताया कि अगर हमें जिंदगी में आगे बढ़ना है तो एक लक्ष्य लेना रोजाना मेहनत करनी होगी।
टोजो के मैनेजिंग डायरेक्टर अनुभव अग्रवाल ने कहा कि मेधावी विद्यार्थी हमारे जिले का भविष्य हैं, इनको आगे भी खूब मेहनत करनी होगी। उन्होंने युवाओं को पढ़ाई के साथ-साथ अपने अभिभावकों का आदर करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि हमें समाजसेवा में भी बढ़कर हिस्सा लेना चाहिए।
बेन फार्मा के एमडी योगेश मिड्ढा ने कहा कि विद्यार्थी समारोह में सम्मानित हुए हैं। उन्होंने अभिभावकों को भी कहा कि वह अपने बच्चों को प्यार दें। सपनों की उड़ान का मंच दें, लेकिन ऐसा माहौल न दें कि बच्चे जीवन की वास्तविकता ही भूल जाएं।
तनेजा पब्लिक स्कूल से समाजसेवी तिलक राज तनेजा ने कहा कि सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ें। अगर सोच सकारात्मक होगी तो कभी निराशा नहीं मिलेगी। असफल होते हैं तो कमियों को पहचान कर सुधार करें।
पाठशाला से केमिस्ट्री एचओडी दीपक ठुकराल ने बच्चों को संबोधित किया। उन्होंने कविता कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती..लहरों से डरकर कभी नौका पार नहीं होती के माध्यम से मेधावी विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।
प्रमुख समाजसेवी पारुल नागपाल ने बताया कि बच्चों को ऐसे मंच की दरकार होती है। यह एक सामाजिक रूप से सराहनीय कदम है। शिक्षा के क्षेत्र में यह बच्चे ही आगे चलकर देश का भविष्य निर्धारित करेंगे।