ठेकेदार की पेमेंट जारी करने के एवज में रिश्वत लेते जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यकारी अभियंता को विजिलेंस टीम ने बुधवार को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
यही नहीं कार्यकारी अभियंता के साथ उनका सहायक भी टीम के हत्थे चढ़ा है। नारायणगढ़ के ठेकेदार की शिकायत पर विजिलेंस ने यह कार्रवाई की है। बुधवार शाम विजीलेंस के हत्थे चढ़े दोनों कर्मचारियों को विजीलेंस अंबाला ले गई।
जनस्वास्थ्य विभाग के ठीकेदार अशोक गुप्ता की 6 लाख रुपये की पेमेंट पिछले काफी दिनों से अटकी हुई थी। बताया जाता है कि विभाग के कार्यकारी अभियंता पेमेंट जारी करने के नाम पर मोटी रिश्वत की मांग कर रहे थे।
ठेकेदार अशोक गुप्ता ने कार्यकारी अभियंता शिव राज सिंह व उसके सहायक बंगाली सिंह के साथ पेमेंट जारी करवाने को लेकर मांगी जा रही रिश्वत की सेटेलमेंट 25 हजार रुपये में कर ली और इसकी शिकायत विजिलेंस को दे दी।
अशोक गुप्ता द्वारा दी गई शिकायत पर विजिलेंस टीम ने बुधवार को ट्रैप लगाया। बराड़ा के बीडीपीओ राजन सिंगला
को बतौर ड्यूटी मैजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया, जिसके बाद विजिलेंस की टीम जिसका नेतृत्व निरीक्षक राजिंद्र शर्मा कर रहे थे, ने बुधवार की शाम अशोक गुप्ता को रिश्वत के पंद्रह हजार रुपये देकर कार्यकारी अभियंता के कार्यालय में भेजा।
ठेकेदार अशोक गुप्ता की इंतजार कर रहे कार्यकारी अभियंता शिवराज सिंह चौहान व सहायक बंगाली सिंह ने जैसे ही रिश्वत की रकम पकड़ी टीम ने उन्हें रंगे हाथों धर दबोचा।