पिछले 55 दिनों से वन रैंक-वन पेंशन की मांग को लेकर सिटी पालीटेक्निक चौक पर बैठे पूर्व सैनिकों का सब्र का पैमाना बढ़ता जा रहा है।
इन पूर्व सैनिकों ने पंद्रह अगस्त तक सरकार को अल्टीमेटम दिया हुआ है। उसके बाद उन्होंने अपने आंदोलन को और तेज करने की चेतावनी भी दे रखी है।
इसी कड़ी में अंबाला के पूर्व सैनिकों ने अपनी चेतावनी एक अनोखे ढंग से भारत के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति तक पहुंचा दी है। इस दौरान पूर्व सैनिकों ने अपने खून से लिखी चिट्ठी व ज्ञापन पर खून से लगे अगूंठे वाला मांगा पत्र पीएम व राष्ट्रपति के नाम भेज दिया है। ये काम एक्स सर्विसमैन वेलफेयर कमेटी के अध्यक्ष अतर सिंह मुल्तानी, सीनियर प्रधान जेपी मेहता व सचिव खुशबीर सिंह दत्त की देखरेख में किया गया।
निकल रहा था खून और फूट रहा था गुस्सा
संघर्ष को 55 दिन बीतने के बावजूद भी प्रधानमंत्री ने वन रैंक, वन पेंशन के बारे में कोई संतोषजनक न तो बयान दिया और न ही कोई कार्रवाई की। इसलिए अब अंबाला के पूर्व सैनिकों ने अपने खून से पीएम और राष्ट्रपति को पत्र लिखा।
धरना स्थल पर नजारा यह था कि पूर्व सैनिकों ने बकायदा खून निकालने के लिए लैब टेक्निशियन बुलवाया और फिर वहां मौजूद अधिमतर पूर्व सैनिकों ने अपना-अपना खून निकलवाया। जैसे-जैसे खून निकलता गया, वैसे-वैसे पूर्व सैनिकों का भी गुस्सा फूटता गया।
पूर्व सैनिकों ने सरकार को चेतावनी देते हुए साकफ कहा कि अब पूर्व सैनिक अपने खून से लिखी चिट्ठी भेज रहे हैं, मान जाओ, वरना पूर्व सैनिक अपना हक लेना जानते हैं, हम सैनिक जब सरहद की रक्षा करने के लिए अपना सर्वस्त्र न्यौछावर कर सकते हैं, तो अपने हक की लड़ाई भी आक्रामक तरीकों से लड़ सकते हैं।
खून निकलाने के बाद पूर्व सैनिकों ने खून को स्याही बनाकर पत्र लिखा और फिर मांग पत्र पर हस्ताक्षर कर सभी ने अपने-अपने अंगूठे खून से ही लगाए।
विधायक ने दिया आश्वासन मानी जाएगी मांग
सिटी विधायक असीम गोयल ने बताया कि उन्होंने भूतपूर्व सैनिकों के समर्थन मे एक पत्र 24 जून को रक्षामंत्री भारत सरकार को लिखा था जिसका जवाब रक्षा मंत्री जी ने सहमति में देते हुए जल्दी ही इसको लागू करने का आश्वासन दिया है। उनके अनुसार पूर्व सैनिकों का संघर्ष जल्दी खत्म होगा और उन्हे उनका हक मिलेगा।
खून देकर फिर भूख हड़ताल पर बैठ गए
अपना खून निकलवाने औरखून से चिट्ठी लिखने के बाद फिर से पूर्व सैनिक भूखहड़ताल पर बैठ गए और सारा दिन भूखे ही बैठे रहे। इनमें अत्तर सिंह मुल्तानी, जेपी दत्ता, खुशबीर सिंह दत्त के अतिरिक्त नायब सूबेदार कुलविन्द्र सिंंह, प्रेम सिंह, जसवंत सिंह, जगीर सिंह, सुखविंद्र सिंह, राज कुमार, चरण सिंह कृष्ण, बलवंत सिंह, गुरनाम सिंह, लाभ सिंह, मोहिंद्र सिंह, महिंद्र सिंह, दीदार सिंह, कर्मचंद मेहरा, भगवान सिंह, बाबू सिंह, कृष्ण गोपाल, हाकम सिंह, मलकीयत सिंह, महमा सिंह, सुरजीत सिंह, राम किशन, सुरिंद्र भाटिया सहित अनेकों भूतपूर्व सैनिक मौजूद रहे।