कहते हैं कुछ कर गुजरने की लगन हो तो कुछ भी असंभव नहीं होता, ऐसा ही एक दृश्य नेशनल हाईवे पर देखने को मिला जहां सूट-बूट पहने एक व्यक्ति पंजाब की ओर से हाथ में किसान यूनियन का झंडा लिए शंभू बार्डर से हरियाणा में दाखिल हुआ। जहां किसान आंदोलन के चलते पंजाब की ओर से आने वाले ट्रैक्टरों की भारी भीड़ लगी हुई थी।
जैसे ही पूर्व सैनिक कृपाल सिंह हरियाणा में दाखिल हुए तो शंभू बार्डर पर जमा हुए किसानों ने उनका स्वागत किया। उनके हौसले की तारीफ करते हुए उनका आगे का कार्यक्रम पूछा। कृपाल सिंह ने उन्हें अपना परिचय देते हुए दिल्ली में होने वाली ट्रैक्टर परेड का हिस्सा बनने की बात कही। इस पर किसानों ने उन्हें कार या ट्रैक्टर में बैठने को कहा लेकिन कृपाल सिंह ने हंसकर कहा कि मेरे पास वाहेगुरु का दिया हुआ सब कुछ है, लेकिन मैंने दौड़ते हुए ही दिल्ली जाना है। कृपाल सिंह ने बताया कि मैं सुबह करीब 10 बजे घर से निकला था और 26 जनवरी तक मैं दिल्ली पहुंच जाऊंगा, हालांकि दौड़ते-दौड़ते मेरे पैैरों में थोड़ी सूजन आ गई है जिस कारण मुझे अपने जूते उतारने पड़ सकते हैं, लेकिन मैं हिम्मत नहीं छोड़ूंगा नंगे पैर ही सही दिल्ली पहुंच कर ही दम लूंगा। कृपाल सिंह बताते हैं कि मैंने दिल्ली तक मैराथन दौड़ लगाने का फैसला इसलिए लिया है कि मैं सरकार को चेता सकूं कि जवान और किसान कभी नहीं थकते। अब जब घर से निकल ही पड़े हैं तो ऐसे में अब दिल्ली दूर नहीं।