भूतपूर्व सैनिक वेलफेयर कमेटी अंबाला की ओर से मंगलवार को पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाऊस में मीटिंग का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता प्रधान सूबेदार अत्तर सिंह मुल्तानी द्वारा की गई। मीटिंग में ओआरओपी के आंदोलन को तेज करने पर विचार विमर्श किया गया।
इस मीटिंग में कमेटी के सदस्यों ने बढ़चढ़ कर भाग लिया और लेफ्निेंट जनरल कादियान द्वारा ओआरओपी आंदोलन के अगुवाई सदस्यों व मेजर जनरल सतबीर सिंह के ऊपर दर्ज झूठे केस के खिलाफ रोष प्रकट किया। उन्होंने कहा कि केस दर्ज कर भूतपूर्व सैनिकों के आंदोलन को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन भूतपूर्व सैनिक एकजुट होकर खड़े रहेंगे और लेफ्निेंट जनरल कादियान को अपने मनसूबों में कामयाब नहीं होने दिया जाएगा।
उसके उपरांत प्रधान अत्तर सिंह मुल्तानी ने कहा कि मीटिंग में भूतपूर्व सैनिकों ने अधूरी वन रैंक वन पेंशन की घोषणा के खिलाफ जंतर मंतर पर 276 दिनों से चल रहे आंदोलन को आगे की रूपरेखा तैयार करने पर विचार विमर्श किया। ताकि सरकार तक भूतपूर्व सैनिकों की मांगों को पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार ओआरओपी की घोषणा कोशियारी कमेटी व पार्लियामेंट द्वारा पारित की हुई घोषणा की तर्ज पर लागू नहीं करती।
इस मौके पर पूर्व सैनिक महासचिव खुशबीर सिंह दत्त, सीनियर प्रधान जेपी मेहता, बाबू राम सैनी, कर्नल अमरजीत, सूबेदार मेजर सुलखन सिंह, कर्नल एसजे सिंह, कैप्टन केजेएस भुट्टर, सूबेदार मेजर धर्मपाल बोह, सूबेदार मेजर प्रदीप सिंह, सूबेदार मेजर कर्मचंद मेहरा, कैप्टन करनैल सिंह, हवलदार दिलदार सिंह, सिपाही बाबू सिंह, उपप्रधान सुरेंद्र भाटिया, हवलदार मामराज, सूबेदार मेजर कुलदीप सिंह, सूबेदार मेजर जेएस मान, सूबेदार हरीराम धीन, सूबेदार विश्वमित्र नारायणगढ़, नायब सूबेदार दर्शन सिंह, कैप्टन जयमल सिंह, नायक इंद्रजीत सिंह, नायक गुरमीत सिंह, कैप्टन गुलजार सिंह सहित अन्य पूर्व सैनिक उपस्थित रहे।किया । इनके पास तीन दिन का खाना था लेकिन वो भी खत्म हो गया । आक्सीजन कम थी इसलिए आग नहीं जल रही थी और कच्ची मैगी खाकर पेट भरा। चेतन ने बताया उन्हें वहां एक कुत्ता मिला जिसने इन्हें न बल्कि रास्ता दिखाया बल्कि इन्हें सुरक्षा भी दी । चेतन ने बताया कुत्ता मौसम खराब होने के दौरान इन्हें आगे आगे चलकर रास्ता दिखाता गया और सुरक्षित स्थान तक ले गया । चेतन ने बताया कुत्ता रात को उनके टैंट के बाहर सुरक्षा भी देता था । चेतन के घर वापस लौटने पर पिता ने मीडिया और मनाली प्रशासन का खासतौर पर शुक्रिया किया है । उन्होंने कहा चेतन यदि दोबारा ट्रैकिंग पर जाना चाहे तो जा सकता है लेकिन परमिशन और पूरे इंतजाम के साथ । वहीं चेतन ने भी कहा कि वो दोबारा पूरे इंतजाम के साथ ट्रैकिंग पर जाएगा ।