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Ambala News: युवती की बच्चेदानी में मिला इविंग सारकोमा कैंसर

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अंबाला। अटल कैंसर केयर केंद्र में हड्डियों में पाए जाने वाला इविंग सारकोमा कैंसर युवती के बच्चेदानी में पाया है। अक्सर बच्चेदानी और हड्डी में कैंसर तो होते थे लेकिन बच्चेदानी में इविंग सारकोमा कैंसर का पहला मरीज सामने आया है।
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यह सैकड़ों में से किसी एक को होता है। हालांकि पिहोवा निवासी 25 वर्षीय युवती ने एक निजी अस्पताल में कैंसर का उपचार कराया था वो कारगर साबित नहीं हुआ था। सामान्य कैंसर की तरह उपचार दिए जाने पर युवती का कैंसर खत्म होने की जगह कुल्हे की तरफ से पेट तक चला गया था। ओंको सर्जन डॉ. अनुज की ओपीडी में आने के बाद इस मरीज का ऑप्रेशन कर नया जीवनदान दिया।
यह ऑपरेशन करीब साढ़े छह घंटे तक चला। डॉ. अनुज के अलावा बेहोशी की डॉक्टर अनु व अन्य स्टाफ शामिल रहा। सफल ऑप्रेशन के बाद युवती को एक सप्ताह तक डॉक्टरों की निगरानी में रखकर छुट्टी दी गई है।
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जान तो बची पर मां बनने का सपना टूटा

ओंको सर्जन डॉ. अनुज ने बताया कि पेट में दर्द होने की शिकायत पर युवती ने डेढ़ साल पहले एक निजी अस्पताल में ऑप्रेशन कराया था। इस दौरान डॉक्टरों ने बच्चेदानी के सामान्य कैंसर की तरह ही कीमो और उपचार दिया, जो गलत हो गया था। ऐसे में यह फैलता चला गया। बाद में युवती मुलाना एमएम अस्पताल के मेडिकल ओंकोलॉजिस्ट डॉ. युगांशु ने इस कैंसर को जांच के बाद पकड़ा और कीमो किया। युवती के ओपीडी में आने के बाद उसका ऑपरेशन किया गया। बड़ी आंत, हड्डी व पेशाब के नली के पास कैंसर फैलने के कारण यह ऑप्रेशन जटिल था। युवती की जान को बच गई है लेकिन वह मां नहीं बन पाएगी।
मामला आने पर ओपीडी में करेंगे जागरूक

हड्डी का कैंसर बच्चेदानी में पाया जाने पर अब डॉक्टर इसको लेकर जागरूक करेंगे। डॉ. अनुज का कहना है कि ओपीडी में आने वाले मरीजों को समय-समय पर जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शरीर में गांठ लक्षण पाए जाने पर तुरंत ही महिलाओं, युवतियों और बुजुर्गों को संबंधित विशेषज्ञ से जरूर संपर्क करना चाहिए, जिससे कि समय-समय मरीज को सही उपचार मिल सके।
यह होता है इविंग सरकोमा कैंसर

इविंग सारकोमा, कैंसर का ही एक प्रकार है जो जानलेवा होता है। हालांकि बहुत कम लोग इस रेयर कैंसर की बीमारी से प्रभावित होते हैं। यह कैंसर नरम ऊतकों को अपना शिकार बनाता है यानी सॉफ्ट टिशूज या हड्डियों से इसकी शुरुआत होती है। यह शरीर के किसी भी भाग को प्रभावित कर सकता है। कैंसर से बचाव और अंगों की सुरक्षा के लिए इस बीमारी के बारे में जानना जरूरी है।
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