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Ambala News: तिरंगे से लिपटा गुरप्रीत का शव देख हर आंखें हुईं नम

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मुलाना। मुलाना हल्के के शेरपुर गांव के नायक शहीद गुरप्रीत सिंह का पार्थिव शरीर शुक्रवार को उनके घर पहुंचा। इससे पहले पार्थिव शरीर को लेने के लिए ग्रामीण दोसड़का पंहुच गए। यहां से काफिले के साथ में गुरप्रीत का शव घर लाया गया। गुरप्रीत सिंह का शव तिरंगे में लिपटा देख परिजनों संग ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। गुरप्रीत की पत्नी हरलीन कौर बार-बार बेहोश हो रही थी, जिसे परिजनों ने बामुश्किल संभाला। इसके बाद गांव के श्मशान में दोपहर करीब एक बजे गुरप्रीत सिंह के चार वर्षीय बेटे सहजवीर ने मुखाग्नि दी। इससे पहले भारतीय सेना की 146 एलटी एएडी एसपी रेजिमेंट के जवानों ने मातमी धुन और हवाई फायर संग शहीद को श्रद्धांजलि दी।
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सेना के अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, शहीद गुरप्रीत सिंह लेह लद्दाख में 04 लद्दाख स्काउट्स यूनिट में डयूटी पर तैनात थे। इस दौरान गश्त करते हुए पैर फिसलने से बर्फीले पानी में गिरने से उनकी मृत्यु हो गई। कुछ दिन गुरप्रीत सिंह लापता रहे, लेकिन वीरवार सुबह गुरप्रीत सिंह का शव सेना को मिला। जिसके बाद गुरप्रीत सिंह के परिजनों को सेना की ओर से सूचना दी गई। शुक्रवार को पार्थिव शरीर के साथ गुरप्रीत सिंह की यूनिट 4 लद्दाख यूनिट के 19 जवान, कैप्टन मोहित कुमार , जिला सैनिक बोर्ड अंबाला कर्नल अजय श्यौराण मौजूद रहे। साथ ही पूर्व विधायक राजबीर सिंह बराड़ा, पूर्व विधायक संतोष चौहान, गांव सरपंच हरजीत सिंह, डीएसपी बराड़ा सुरेश कुमार, एसडीएम बराड़ा अश्वनी मलिक, नायब तहसीलदार मुलाना आलमगीर सहित काफी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
विदित हो कि नायक शहीद गुरप्रीत सिंह के पिता दलीप सिंह भी सेना से रिटायर हैं और उनसे ही प्रेरित होकर गुरप्रीत सिंह सेना में भर्ती हुए थे। गुरप्रीत सिंह 2014 में भारतीय सेना में भर्ती हुआ। शहादत से पहले गुरप्रीत सिंह चार जुलाई को ही छुट्टी समाप्त कर सेना में ड्यूटी पर गए थे ।
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बहन भी रो-रोकर हो गई बेहोश

गुरप्रीत के शव को देखकर उसकी बहन मनप्रीत कौर भी रोते-रोते बेहोश हो गई। गुरप्रीत सिंह अपने पीछे पिता दलीप सिंह, माता दवेंद्र कौर, 26 वर्षीय पत्नी हरलीन कौर,चार वर्षीय बेटा सहजवीर और एक वर्षीय छोटा बेटा तेजवीर सिंह को छोड़ गया है। गुरप्रीत सिंह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था।
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