अंबाला सिटी। नाडा साहिब की जगह संगत को सीएम हाउस पर लेकर जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एचएसजीपीसी) के इस कार्य की चौतरफा निंदा हो रही है। इस मसले को लेकर शुक्रवार अंबाला सिटी के गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब में एक रोष समागम का आयोजन किया गया।
सिख पंथ के प्रतिनिधियों ने कहा कि हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी का कार्यकाल समाप्त हो चुका है, इसलिए जल्द से जल्द चुनाव करवाए जाएं ताकि गुरु घरों की सेवा उन सेवादारों के हाथ में आ सके जो कि सही मायने में इस सेवा के हकदार हैं। सिख समाज संस्था के प्रधान दीदार सिंह नलवी ने कहा कि गुरु घरों का प्रबंधन चुनी हुई समिति द्वारा किया जाता है न कि सरकार द्वारा। इसलिए सरकार एचएसजीपीसी के चुनाव जल्द से जल्द करवाए और जो मनोनीत कमेटी सरकार ने बनाई थी, उसका कार्यकाल खत्म हो चुका है, इसलिए गुरु घरों में उनकी दखलअंदाजी को बंद करवाए ताकि वो संगत को गुमराह न कर सके। इस अवसर पर गुरुद्वारा श्री हुक्मसर साहिब से मौजूद मुख्य सेवादार बाबा हरबंस सिंह ने बताया कि दो दिन पहले एचएसजपीसी द्वारा गुमराह करके सिख संगत को नाडा साहिब लेकर गए, लेकिन वो गुरुद्वारा साहिब न जाकर सीएम हाउस पर चले गए। इससे मान-मर्यादा खंडित हुई है और सिख संगत में काफी रोष है। इसलिए इस मसले को लेकर अंबाला सिटी स्थित गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब में रोष समागम का आयोजन किया गया। इसमें काफी संख्या में सिख समाज के प्रतिनिधि और संगत मौजूद रही। बैठक में फैसला लिया गया कि एचएसजीपीसी को इस मामले के लिए माफी मांगी चाहिए। संगत ने फैसला लिया है कि अगर एक हफ्ते में सरकार ने चुनावों को लेकर कार्यवाही नहीं की तो फिर आगामी रणनीति बनाकर कार्य किया जाएगा।