अतिक्रमण को लेकर आखिरकार अंबाला कैंट में प्रशासन का डंडा चल ही गया। कैंट की जनता के लिए नासूर बन चुके अतिक्रमण को नगर निगम के अधिकारियों और कर्मचारियों ने डीसी केएम पांडुरंग के नेतृत्व में हटवाया।
इस दौरान जहां एक दर्जन ट्रालियां भरकर सामान जब्त किया गया। वहीं 35 दुकानों के चालान भी काटे। फिलहाल प्रशासन ने सात दिन की मोहलत दी है और यदि इस दौरान सामान न हटाया गया तो प्रशासन कार्रवाई करेगा। यह कार्रवाई तीन घंटे तक चली।
जिला प्रशासन और नगर निगम की ओर से पिछले कई माह से लगातार अनुरोध करने तथा चेतावनी देने के बावजूद जब लोगों ने बाजारों में अतिक्रमण हटवाने में कोई सहयोग नहीं दिया।
इसी को लेकर मंगलवार को उपायुक्त केएम पांडुरंग के नेतृत्व में कैंट के बाजारों में अतिक्रमण हटाओ अभियान चला। इस अभियान की भनक लगते ही दुकानदारों में हड़कंप की स्थिति मच गई और आनन-फानन में सामान समेटने लगे। डीसी ने बाजारों में पडे़ सामान को दुकानों के अंदर बेचने के निर्देश दिए और चेतावनी दी कि शटर तथा नालों से बाहर सामान रखने वालों के न केवल चालान किए जाएंगे।
इस दौरान उनके साथ नगर निगम के कार्यकारी अधिकारी मनिंद्र सिंह, सचिव केके यादव, एमई, सफाई निरीक्षक, पुलिस निरीक्षक जंग बहादुर के नेतृत्व में बड़ी तादाद में पुलिसकर्मी तथा सफाई कर्मचारी मौजूद रहे।
इन बाजारों में हुई कार्रवाई
प्रशासन की यह कार्रवाई अंबाला कैंट के सबसे व्यवस्ततम बाजारों में की गई। डीसी के नेतृत्व में अभियान की शुरुआत नगर निगम कार्यालय से चलकर अनाज मंडी, गुड़ बाजार, दाल मंडी, सदर बाजार चौक, चौड़ा बाजार, सब्जी मंडी, पुल चमेली, कबाड़ी बाजार, सर्राफा बाजार, बजाजा बाजार इत्यादि क्षेत्रों से की।
खंडहर भवनों और अवैध निर्माण पर कार्रवाई के निर्देश
अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान डीसी ने कुछ खंडहर भवनों को देखा, जबकि इस दौरान निर्माण कार्य भी होते देखा।
उन्होंने सदर बाजार चौक पर खंडहर हो चुके एक भवन सहित ऐसे अन्य कई भवनों की जांच करके उसे तुरंत गिराने के निर्देश दिए। इसके साथ-साथ धोबी मोहल्ला, पुल चमेली चौक पर अवैध रूप से बन रहे भवनों को भी पुलिस सहायता से गिराने के नगर निगम अधिकारियों को निर्देश दिए गए।
किराया वसूलते हैं रेहड़ी वालों से
निरीक्षण के दौरान कई लोगों ने शिकायत डीसी को दी कि दुकानदार अपनी दुकानाें के आगे रेहड़ी फड़ी लगाने के लिए किराया वसूलते हैं। यह गोरखधंधा सालों से चल रहा है। यही कारण है कि दुकानों के आगे जगह नहीं बचती है। डीसी ने सब्जी मंडी में अपने भवनों के आगे रेहड़ियां लगवाकर उनसे किराया वसूलने वाले दुकानदारों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि बीच बाजार में किसी को रेहड़ी लगवाने की इजाजत नहीं दी जायेगी।
दुकानदार अधिकारियों से उलझे
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान दुकानदारों ने भी अपनी दबंगई खूब दिखाई। डीसी सामान उठाने के निर्देश देकर आगे चल दिए, जबकि पीछे रुके अधिकारियों व कर्मचारियों से दुकानदार भिड़ गए। दुकानदारों ने कहा कि वे खुद इसे हटा लेंगे, लेकिन जब अधिकारियों ने चेक किया, तो पाया कि यह अवैध अतिक्रमण ही इस तरह से किया गया कि इसे उखाड़ने में निगम कर्मियों के पसीने छूट गए। इसके बाद जेसीबी की सहायता इन अवैध अतिक्रमणों को हटाया। कुछ स्थानों पर तो दुकानदारों ने सामान तक नहीं उठाने दिया और निगम अधिकारियों से भिड़ गए।