अंबाला सिटी। सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा जिला अंबाला ने कर्मचारियों की मांगों को लेकर प्रदर्शन कर मुख्यमंत्री के नाम सीटीएम विश्वजीत के माध्यम से ज्ञापन सौंपा।
इसका नेतृत्व जिला प्रधान सेवा राम बोहत ने किया। मंच संचालन जिला सचिव विकास वर्मा ने किया। कर्मचारी जिला शिक्षा सदन में एकत्रित हुए और यहां से प्रदर्शन कर उपायुक्त कार्यालय पर पहुंचे।
इस दौरान राज्य उप प्रधान जरनैल सिंह और राज्य नेता रवि चौहान ने बताया कि संघ अपना मांग पत्र सरकार को काफी बार दे चुका है, लेकिन अभी तक कर्मचारियों की जायज मांगों को पूरा नहीं किया गया और न ही बातचीत के लिए बुलाया गया। उन्होंने कहा कि अगर कर्मचारियों की मांगों को पूरा न किया गया तो आने वाले विधानसभा के चुनावों में सरकार को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा।
इंद्र सिंह बधाना ने बताया कि अंबाला उपायुक्त द्वारा कर्मचारियों को बैरिकेड्स लगवाकर रोक दिया जाता है और जिसे संघ में भारी रोष है। संघ ने विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन में बिजली, सिंचाई, सिंचाई परियोजना कर्मचारी, रोडवेज, फायर, शिक्षा, टूरिज्म, नगर निगम आदि विभागों के कर्मचारियों ने संबोधित किया।
ये हैं मांगे
इसमें सरकारी क्षेत्र में कार्यरत सभी प्रकार के कच्चे कर्मचारियों को दो वर्ष की सेवा के आधार पर नीति बनाकर नियमित किया जाए।
एनपीएस को वापस लेकर जनवरी 2006 से भर्ती होने वाले कर्मचारियों पर पुरानी पेंशन प्रणाली लागू की जाए।
हरियाणा कौशल रोजगार निगम को भंग किया जाए, स्थाई काम पर अस्थाई भर्तियां बंद की जाएं।
सभी कच्चे कर्मचारियों का पिछले चार वर्षों का 20 प्रतिशत वार्षिक की दर से वेतन बढ़ाया जाए, सभी वर्गों की वेतन विसंगतियां दूर की जाएं।
लिपिक वर्ग के साथ किए गए विश्वासघात को ठीक करते हुए पंजाब के समान वेतनमान दिया जाए।
केंद्रीय आठवां व हरियाणा का अलग से वेतन आयोग गठित किया जाए, ऑनलाइन तबादला नीति की बजाय, प्रार्थना पत्र पर आधारित तबादलों का नियम अपनाया जाए।
एनएचएम यूनिवर्सिटी के मैस वर्कर, केंद्रीय व राज्य सरकार की परियोजनाओं में कार्यरत कर्मचारियों के पदों को स्वीकृत कर उनकी सेवाएं नियमित की जाए।