संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। रेलवे आवासों के रखरखाव के लिए स्वीकृत राशि को दूसरे कामों में खर्च किए जाने पर रेलवे कर्मचारियों में असंतोष नजर आ रहा है। एक तरफ जहां कर्मचारी जर्जर और बदहाल क्वार्टरों में रहने को मजबूर हैं, वहीं दूसरी ओर विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर समस्या पर चुप्पी साधे बैठे हैं।
विभागीय स्तर पर सुनवाई न होने के कारण अब कर्मचारियों का गुस्सा सोशल मीडिया और व्हाट्सएप ग्रुप्स में फूट रहा है। सूत्रों के अनुसार, रेलवे क्वार्टरों के नियमित मरम्मत, रंग-रोगन और नागरिक सुविधाओं के सुधार के लिए बाकायदा फंड आवंटित किया जाता है। आरोप है कि इस राशि को कर्मचारियों के आवासों पर खर्च करने के बजाय अन्य प्रशासनिक या विभागीय कार्यों में डायवर्ट कर दिया गया। इससे क्वार्टरों की आवश्यक मरम्मत का काम अधर में लटक गया है।
बारिश के दौरान छतों से टपकता है पानी
कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कॉलोनी के अधिकांश क्वार्टर बेहद खराब स्थिति में पहुंच चुके हैं। बारिश के मौसम में छतों से लगातार पानी टपकता है। इससे कमरों में सीलन बनी रहती है और हादसों का डर बना रहता है। कई क्वार्टरों के दरवाजे और खिड़कियां टूटी पड़ी हैं। इससे सुरक्षा का गंभीर संकट पैदा हो गया है। कमरों और गैलरी के फर्श पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। इससे दैनिक कार्यों में काफी परेशानी आ रही है।
व्हाट्सएप ग्रुप्स में छलक रहा कर्मचारियों का दर्द
अधिकारियों की ओर से शिकायतों को अनदेखा किए जाने से परेशान कर्मचारी अब व्हाट्सएप ग्रुप्स में अपने क्वार्टरों की तस्वीरें और वीडियो शेयर कर अपनी पीड़ा उजागर कर रहे हैं। ग्रुप्स में वायरल हो रहे संदेशों में अधिकारी वर्ग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि रखरखाव के बजट का अगर सही उपयोग होता तो आज उनके परिवारों को असुरक्षित माहौल में नहीं रहना पड़ता। बार-बार गुहार लगाने के बावजूद अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं।
कंडम क्वार्टरों के लिए लगातार शिकायतें आती रहती हैं। इनका समाधान भी करवाया जाता है। इस संबंध में संबंधित एसएसई से बात की जाएगी और कर्मचारियों की समस्या का समाधान करवाया जाएगा। - हरनाम सिंह, मंडल अध्यक्ष, एनआरएमयू, अंबाला।
अंबाला छावनी के रेल विहार स्थित क्वार्टर की छत से टूटकर गिरा टुकड़ा। संवाद