छावनी नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी में नए केबिन बनाने का चल रहा काम
आधुनिक सुविधाओं से लेस छावनी नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी में लगातार बढ़ रहे मरीजों को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन की तरफ से मास्टर प्लान तैयार किया है। इमरजेंसी में दाखिल होते ही अब मरीजों को जल्द दो पड़ाव के बीच से होकर गुजरना होगा। पहला पड़ाव दाखिल होते ही रजिस्ट्रेशन काउंटर के ठीक सामने होगा, जहां पर ओपीडी यानी बुखार, पथरी, पेट और कमर में मामूली दर्द के मरीजों का उपचार किया जाएगा। डॉक्टर के देखने के बाद उन्हें जो दवाएं या फिर इंजेक्शन देना होगा वो दिया जाएगा।
उसके बाद दूसरे पड़ाव में केवल गंभीर मरीजों को भी दाखिल किया जाएगा। जिन्हें उपचार के लिए दाखिल करने की जरूरत होगी, जिससे कि इससे इमरजेंसी में हालात और बेहतर बन सके। अक्सर देखा जाता था कि इमरजेंसी में ओपीडी समय के बाद भी मरीजों का जमावड़ा लगा रहता था। अंबाला ही नहीं यमुनानगर और कुरुक्षेत्र आदि से मरीज आते हैं। ऐसे में सभी मरीज सीधा ही इमरजेंसी में बैड वाली जगह पर पहुंच जाते थे और पता ही नहीं चल पता था कि गंभीर कौन या सामान्य। जबकि भीड़ में कई बार मरीजों की जल्दबाजी के चक्कर में डॉक्टरों और नर्सिंग ऑफिसर से बहस हो जाती थी।
इंजेक्शन और दवाओं के काउंटर भी होंगे बाहर
इमरजेंसी का मास्टर प्लान तैयार करने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने अपने स्तर पर इस पर काम भी शुरू कर दिया है। इमरजेंसी के मुख्य द्वार से लेकर रजिस्ट्रेशन काउंटर के सामने अलग-अलग केबिन तैयार किए जा रहे हैं। सबसे पहले दाखिल होते ही मरीजों के लिए एक छोटा का वेटिंग एरिया होगा। जबकि दूसरे में कार्ड बनवाने के बाद ओपीडी मरीजों को देखा जाएगा। ओपीडी वाले ब्लॉक में ही बैड भी लगाए जाएंगे ताकि दवा के बाद इंजेक्शन लगाया जा सके और बाहर से बाहर मरीजों को वापस भेजा जा सके।
इमरजेंसी से दूसरे ब्लॉकों में जाने की एंट्री बंद
अस्पताल में इमरजेंसी ब्लॉक के भीतर डॉक्टर विश्राम कक्ष के साथ कमरे में चल रही पुलिस चौकी को भी शिफ्ट किया जाएगा। उन्हें पार्किंग की तरफ से बंद पड़ी कोविड टेस्ट ओपीडी में शिफ्ट किया जाएगा। जबकि इमरजेंसी के बीच में दूसरे ब्लॉक में जाने वाले रास्ते को भी आम मरीजों के लिए बंद करेंगे। केवल इमरजेंसी हालात में ही दाखिल मरीजों को एक्स-रे, सीटी स्कैन में जाने की अनुमति होगी। अक्सर देखा जाता था कि इस रास्ते के इस्तेमाल से भी इमरजेंसी वार्ड में भीड़ लगी रही थी।
अधिकारी के अनुसार
ज्यादा से ज्यादा मरीजों को बेहतर उपचार के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इमरजेंसी की व्यवस्था में बदलाव का भी यहीं कारण है ताकि आने वाले मरीजों व तीमारदारों को परेशानी न झेलनी पड़ी।
-डॉ. राकेश सहल, पीएमओ, नागरिक अस्पताल, अंबाला छावनी।