अंबाला। पंजोखरा थाने की ओर से बिजली बोर्ड के कर्मचारियों के खिलाफ की गई एकतरफा कार्रवाई के विरोध में एचएसईबी वर्कर यूनियन का आंदोलन उग्र होता जा रहा है। बुधवार को यूनिट अंबाला कैंट के अधीन आने वाली सभी सब-यूनिटों में धरने का दूसरा दिन रहा। कर्मचारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि निर्दोष कर्मचारियों पर दर्ज प्राथमिकी रद्द नहीं की गई, तो वे काम ठप कर सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।सतबीर देसवाल और सर्कल सचिव सतबीर देसवाल ने ने बब्याल में आयोजित धरने को संबोधित करते हुए पुलिस की एकतरफा कार्रवाई पर कड़े सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि बिजली निगम के उच्च अधिकारियों ने दुर्घटना की विस्तृत जांच की है, इसमें किसी भी कर्मचारी की लापरवाही सामने नहीं आई है। पुलिस को तकनीकी पहलुओं और विभाग की रिपोर्ट को नजरअंदाज कर एकतरफा कार्रवाई नहीं करनी चाहिए। कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना यूनियन का प्राथमिक दायित्व है और इसके लिए हम किसी भी स्तर के संघर्ष को तैयार हैं। यूनिट सचिव सोनू यादव ने कहा कि पूरी यूनिट में शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन चल रहा है। उन्होंने मांग की कि पुलिस प्रशासन कर्मचारियों को अपना पक्ष रखने का मौका दे, यदि कर्मचारियों के साथ जबरदस्ती की गई, तो बिजली आपूर्ति से जुड़े कार्यों को छोड़कर सामूहिक विरोध शुरू किया जाएगा। संवाद