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आंधी से बिजली के तार टूटे, जंपर भी उड़े

Sat, 10 May 2014 12:09 AM IST
अमर उजाला अंबाला
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अंबाला। वीरवार रात को पंद्रह मिनट की आंधी के कारण बिजली के तार टूटने से ट्विनसिटी की अधिकतर कॉलोनियां रात भर अंधेरे में डूबी रहीं। साथ ही शहर के 25 गांवों में भी बत्ती गुल रही। कर्मचारी रात भर फाल्ट ढूंढने की कोशिश करते रहे। बिजली कट के कारण पेयजल आपूर्ति पर भी असर पड़ा। लोग पानी के लिए भटकते रहे। बिजली आपूर्ति शुक्रवार को दो बजे दिन के बाद बहाल हुई।  
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पानी के लिए हाहाकार
बिजली न होने की वजह से शुक्रवार को ट्विनसिटी की दर्जनों कालोनियों में पानी के लिए हाहाकार रहा। बीडी फ्लोर मिल के पीछे की एक दर्जन कालोनियों, राम नगर, दुर्गा नगर, बोह, बब्याल गोबिंद, दुर्गा नगर, सिटी के नया गांव, बलदेव नगर, मानव चौक इत्यादि इलाकों में पेयजल की किल्लत बनी रही। जबकि कई इलाकों में गंदा पानी आता रहा। लोगों के अनुसार वे लोग इतने परेशान है कि उन्हे आधी रात को उठकर मोटरें चलाकर घरों की पानी की टंकी भरनी पड़ रही है।  जबकि कई कालोनियों में तो लोग हैंडपंप के पानी से ही गुजारा करने को मजबूर है।

रात पर फॉल्ट ढूंढते रहे कर्मचारी
पंद्रह मिनट की आंधी ने ट्रांसफार्मरों के जंपर उड़ा दिए, वहीं  कई होर्डिंग्स और पेड़ों की टहनियों ने तारों में फाल्ट पैदा कर दिए। आलम यह रहा कि बिजली कर्मचारी रात भर कैंट, सिटी व ग्रामीण फीडरों पर फाल्ट ढूंढते रहे और उसे ठीक करने का प्रयास करते रहे। यही वजह रही कि रात भर बिजली गुल रही। इस वजह से कैंट, सिटी व ग्रामीण इलाकों के विभिन्न रिहायशी इलाकों में लोगों को रात में गर्मी के बीच सोना मुश्किल हो गया, वहीं बुजुर्गों व बच्चों को काफी बैचेनी झेलनी पड़ी।
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दोपहर तक कारोबार रहा ठप
बिजली कट का सबसे ज्यादा प्रभाव कैंट की राय मार्केट के इलेक्ट्रिकल कारोबारियों को झेलना पड़ा। शुक्रवार दोपहर दो बजे तक लाइट गुल रही, उसके बाद थोड़ी देर आई तो फिर गुल हो गई। देरशाम तक यही आंख मिचौनी चलती रही। दुकानदार रमनप्रीत सिंह, सूरज व मनविंद्र आनंद के अनुसार ऐसे में दुकानदार कैसे काम कर सकते हैं। उनके अनुसार सारी दिहाड़ी ही खराब हो गई और कोई काम नहीं हो पाया। इसी तरह बैंकों व अन्य प्राइवेट दफ्तरों में भी कामकाज इनवर्टर व जनरेटरों पर ही चला।

बच्चों की पढ़ाई पर असर
इस बिजली कट का प्रभाव कालेज की परीक्षा दे रहे छात्रों पर भी बुरी तरह पढ़ रहा है। कालेज छात्र संदीप कुमार, अंशु, सचिन गुप्ता, शहनवाज, रहीस,  पंकज व चेतन के अनुसार कालेज के एग्जाम चल रहे हैं, रात को पढ़ने बैठते हैं, तो बत्ती गुल हो जाती है, दिन में भी लाइट नहीं होती, तो गर्मी से परेशान होते रहते हैं। उनके अनुसार  बिजली कट और गर्मी की वजह से परीक्षा की तैयारियाें में एकाग्रता ही नहीं लग पा रही है, जिस वजह से उनकी तैयारी ठीक प्रकार से नहीं हो रही है।

गांवों की हालत ज्यादा खराब
गांवों में बिजली के हालात सबसे ज्यादा खराब है। गांव में पूरा दिन ही दस से बारह घंटे ही बिजली मिल पा रही है, लेकिन वह भी शिफ्टों में। बिजली महकमा गांवों में शिफ्टों में बिजली की सप्लाई दे रहा है। एक फीडर की सप्लाई कटती है, तो दूसरे फीडर की शुरू होती है। इसी वजह से ग्रामीण लोग न अपने घरों में चैन से बैठ पा रहे हैं और न ही घरों से बाहर गर्मी की वजह से बैठ पा रहे हैं। ग्रामीण लेखराज, सुरजन सिंह, तेजबीर राणा व फूल सिंह के अनुसार कोई भी बात हो जाए, बिजली महकमा बिजली के मामले में ग्रामीणों को ही सबसे ज्यादा तंग करता है। उनके अनुसार पर्याप्त बिजली सप्लाई न होने की वजह से गांवों के लोग बहुत ज्यादा परेशान है।
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