अंबाला सिटी। आचार संहिता के बाद जैसे-जैसे चुनावी तारीख नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे जिले में सियासी माहौल गर्म होना शुरू हो गया है। हालांकि अभी तक किसी भी राजनीतिक दल ने सभी चार विधानसभाओं की सूची जारी नहीं की है। ऐसे में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ आमजन की भी बेचैनी बढ़ती जा रही है।
हर कोई यह जानना चाह रहा है कि पार्टी किन नेताओं पर अपना दांव खेलेगी और टिकट देगी। पिछले दिनों से लोग टिकट को लेकर नेताओं के बारे में अलग-अलग कयास लगा रहे हैं कि किस पार्टी से किस नेता को टिकट मिल रही है। शुक्रवार को लोग भाजपा की पहली सूची का इंतजार करते दिखे, लेकिन भाजपा की सूची लटकने से लोगों की जिज्ञासा ज्यादा बढ़ गई।
यही नहीं राजनीतिक पार्टियां भी भाजपा की सूची का इंतजार कर रही हैं, क्योंकि उसके बाद ही वह अपना प्रत्याशी उतारना चाह रही हैं। वहीं, सोशल मीडिया पर भी भाजपा, कांग्रेस, इनेलो-बसपा, हरियाणा जन चेतना पार्टी, आम आदमी पार्टी और जननायक जनता पार्टी के नेताओं के नाम लिखकर भी टिकट मिलने के लोग कयास लगा रहे हैं। राजनीतिक पार्टियों सितंबर माह के शुरूआत में टिकट की सूची जारी कर सकती है।
टिकट के लिए डाला दिल्ली में डेरा
सभी राजनीतिक पार्टियों से नेता खुद को टिकट की दौड़ में आगे बता रहे हैं। कई दिनों से नेता हाइकमान के पास दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं और इनके कार्यकर्ता फील्ड में चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं। कई नेताओं ने अपना चुनाव प्रचार करने के लिए शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में दीवारों पर पंफ्लेट भी चस्पा कर दिए हैं।
अगले सप्ताह में बढ़ेगा सियासी पारा
30 अगस्त तक किसी भी राजनीतिक पार्टी ने अपना प्रत्याशी घोषित नहीं किया। सभी नेता टिकट के लिए अपनी गोटियां फिट करने में जुटे हैं, लेकिन पार्टी हाइकमान जिताऊ उम्मीदवार उतारने के लिए सर्वे भी करवा चुकी हैं। सितंबर माह के पहले सप्ताह में सभी राजनीतिक पार्टियों के प्रत्याशी घोषित हो सकते हैं, ऐसे में इस सप्ताह में सियासी पारा बढ़ेगा, क्योंकि जिन नेताओं के टिकट कटेंगे, उनमें भी नाराजगी होना स्वाभाविक हैं। ऐसे में राजनीतिक पार्टियों के लिए भी यह चुनौती होगी कि उन नेताओं को लेकर कैसे डैमेज कंट्रोल किया जाए।