संवाद न्यूज एजेंसी
बराड़ा। वृद्धावस्था सम्मान भत्ता और दिव्यांग पेंशन पाने के लिए डाकघर पहुंचे बुजुर्गों और दिव्यांगों का सब्र मंगलवार को तब जवाब दे गया, जब उन्हें फॉर्म भरने से साफ इन्कार कर दिया गया।
भीषण गर्मी में भूखे-प्यासे बैठे इन लोगों को जब कोई सुध लेने वाला नहीं मिला, तो लाठी के सहारे और ट्राई साइकिल पर बैठकर ये लोग सीधे एसडीएम कार्यालय पहुंच गए। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद डाकघर में व्यवस्था बनी, तब जाकर उन्हें राहत मिली।
फॉर्म भरने से कर्मचारी ने किया मना, तो मची अफरातफरी : डाकघर में पेंशनधारकों की लंबी कतार थी। जसमेर सिंह, फकीर चंद, समसा सिंह, दिव्यांग जुल्फान अली और जगीरो जैसे सैकड़ों पेंशनधारक अपनी पेंशन निकालने डाकघर पहुंचे थे। उनका कहना था कि वे अनपढ़ हैं और नकदी निकासी का फॉर्म नहीं भर सकते। पहले यहां एक लड़का तैनात था, जो उनकी मदद करता था, लेकिन उसे हटा दिया गया। अब कर्मचारियों ने उनसे साफ कह दिया कि खुद ही फॉर्म भरो, जिससे वहां हड़कंप मच गया।
एसडीएम के निर्देश पर तैनात हुआ कर्मचारी : दोपहर तक जब पेंशन नहीं मिली, तो बुजुर्गों ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर अपना दुखड़ा सुनाया। एसडीएम के निर्देश के बाद डाकघर प्रशासन हरकत में आया। इसके बाद डाकघर में एक व्यक्ति को फॉर्म भरने के काम पर लगाया गया।
सुबह आठ बजे से कतार में लगे बुजुर्गों को 11 बजे के बाद ही राहत मिल सकी। इस बीच भीषण गर्मी में सैकड़ों पेंशनधारक पूरा दिन परेशान होते रहे।
सभी पेंशनधारकों की केवाईसी करवाई जा रही है ताकि भविष्य में फॉर्म भरने का झंझट खत्म हो जाए और बायोमीट्रिक के जरिये सीधे पेंशन मिल सके। फिलहाल भीड़ अधिक होने के कारण समस्या हुई है, लेकिन एक लड़का लगाकर फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। जल्द ही स्थायी तौर पर किसी को तैनात किया जाएगा। -विजित शर्मा, पोस्टल असिस्टेंट, बराड़ा।
बराड़ा के डाकघर में डेरा डाले बैठे दिव्यांग बुजुर्ग। संवाद
बराड़ा के डाकघर में डेरा डाले बैठे दिव्यांग बुजुर्ग। संवाद
बराड़ा के डाकघर में डेरा डाले बैठे दिव्यांग बुजुर्ग। संवाद