अंबाला। स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में एक्सरे सुविधा देने जा रहा है। यानी लाखों की आबादी को एक्सरे के लिए निजी सेंटरों पर भारी भरकम फीस नहीं देनी होगी। विभाग पहले सीएचसी लेवल पर और फिर इसके बाद पीएचसी लेवल पर यह एक्सरे मशीनें देने जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग का यह कदम ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों (जिनको एक्सरे की आवश्यकता पड़ती है) के एक बेहतर कदम माना जा रहा है। इस योजना को जल्द ही अमलीजामा पहनाया जाएगा।
जिला स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों को इलाज की सुविधा देने के लिए चार सीएचसी (कम्यूनिटी हेल्थ सेंटर) और चौदह पीएचसी (प्राइमरी हेल्थ सेंटर) उपलब्ध करवाए हैं। इन सीएचसी और पीएचसी से ग्रामीण क्षेत्रों की लाखों की आबादी जुड़ी है। इन सेंटरों में एक्सरे मशीन नहीं होने के कारण मरीजों को बाहर निजी एक्सरे सेंटरों पर भारी भरकम फीस अदा करनी पड़ती थी। यदि मरीज निजी सेंटरों पर नहीं जाते, तो उनको एक्सरे के लिए अंबाला शहर, अंबाला कैंट अथवा नारायणगढ़ सिविल अस्पतालों में रेफर किया जाता था। लाखों की आबादी इसी कारण से परेशान थी और इस सुविधा का इंतजार कर रही थी।
हादसे के केस होते हैं रेफर
जला में जो भी एक्सीडेंटल केस होते हैं, उनमें घायल मरीजों (यदि रेफर न हों) का एक्सरे जरूर कराया जाता है। लेकिन सीएचसी और पीएचसी में एक्सरे मशीन न होने के कारण डॉक्टर या तो मरीजों को निजी सेंटरों से एक्सरे करवाने को कहते या फिर उनको नजदीक लगते सिविल अस्पताल में रेफर कर देते हैं। मरीज के लिए यही स्थिति काफी परेशानी वाली साबित होती है। कई बार तो मरीजों को 25-30 किलोमीटर तक का सफर करते हुए सिविल अस्पताल से एक्सरे कराना पड़ता है। यही स्थित अन्य मरीजों के लिए भी होती है, जिनको एक्सरे की आवश्यकता पड़ती है।
ऐसे उपलब्ध होंगी एक्सरे मशीन
स्वास्थ्य विभाग सबसे पहले सीएचसी में एक्सरे मशीन देगा। यह मशीन 300एम क्षमता की होंगी। सबसे पहले सीएचसी मुलाना में यह मशीन दी जाएगी, जबकि इसके बाद सीएचसी शहजादपुर, सीएचसी चौड़मस्तपुर, सीएचसी बराड़ा में दी जाएगी। इसके बाद यह जिले की चौदह पीएचसी में मशीनें दी जाएंगी। इन चार सीएचसी और चौदह पीएचसी से लाखों की आबादी जुड़ी है।
सीएचसी और पीएचसी स्तर पर एक्सरे सुविधा दी जाएगी। सबसे पहले मुलाना सीएचसी में एक्सरे मशीन दी जाएगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को एक्सरे के लिए भटकना नहीं होगा। इसके बाद अन्य सीएचसी और पीएचसी में भी यह मशीनें दी जाएंगी।
डॉ. विनोद गुप्ता, सिविल सर्जन, अंबाला