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Ambala News: जिले में मलेरिया के आठ और डेंगू के मिले तीन मरीज, स्वास्थ्य विभाग सतर्क

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नया गांव में मरीजों की जांच करती स्वास्थ्य विभाग की टीम। विभाग
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माई सिटी रिपोर्टर
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अंबाला सिटी। बीते तीन-चार सालों से मलेरिया मुक्त रहने की ओर बढ़ रहे अंबाला जिले में इस बार मच्छरों के डंक ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, जिले में एक साथ मलेरिया के आठ नए मरीज मिले हैं। वहीं, स्थिति को और गंभीर बनाते हुए डेंगू के भी तीन नए मामलों की पुष्टि हुई है।
अचानक बढ़े इन मामलों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सतर्कता बरतते हुए टीमों को तुरंत धरातल पर उतार दिया गया है। लोगों को भी जागरूक किया जा रहा है। मरीजों की ट्रैवल हिस्ट्री से खुलासा हुआ है कि जिले में मलेरिया के प्रसार का मुख्य कारण बाहरी राज्यों और कांवड़ यात्राओं से लौटे लोग हैं। कुल आठ मलेरिया पीड़ितों में से सात मरीज बाहर के रहने वाले हैं जबकि एक मरीज अंबाला का निवासी हैं।
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संक्रमित मरीज हाल ही में कांवड़ यात्रा से लौटे थे या फिर उत्तर प्रदेश के बदायूं, मुरादाबाद और सीतापुर जैसे उच्च जोखिम वाले इलाकों की यात्रा करके आए हैं। यात्रा के दौरान ही ये लोग संक्रमण की चपेट में आए, जिससे अंबाला लौटने पर मामले सामने आए। वहीं डेंगू के मामले बराड़ा, अंबाला सिटी और कैंट से एक-एक आए हैं।
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नयागांव में मिला मरीज, घर में पनप रहा था लार्वा
आठ में से एक मरीज अंबाला के नयागांव का रहने वाला है, जिसकी कोई ट्रैवल हिस्ट्री नहीं है। सूचना मिलते ही जब स्वास्थ्य विभाग की महामारी नियंत्रक टीम नयागांव में मरीज के घर पहुंची, तो जांच के दौरान घर के अंदर ही रुके हुए पानी में मच्छरों का भारी मात्रा में लार्वा तैरता मिला। इस लापरवाही ने स्पष्ट कर दिया कि घर-आंगन में जमा पानी किस तरह बीमारी को न्योता दे रहा है। चिकित्सक बताते हैं कि बारिश के पानी के लिए बाल्टी रखी थी उसी में लंबे समय से लार्वा पनप रहा था।
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विभाग की टीमें गांव-गांव पहुंचीं
मलेरिया का रिकॉर्ड टूटने और डेंगू की दस्तक के बाद स्वास्थ्य महानिदेशालय के निर्देश पर जिला स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। प्रभावित क्षेत्रों और विशेष रूप से नयागांव व आसपास के इलाकों में घर-घर जाकर बुखार के मरीजों की जांच की जा रही है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे छतों पर रखे कबाड़, कूलर और गमलों में पानी जमा न होने दें। लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी नागरिक अस्पताल में जांच कराएं।

वर्ष 2023 में था सिर्फ एक मामला
वेक्टरबॉर्न डिजीज के लिए स्वास्थ्य विभाग का रिकॉर्ड बताता है कि वर्ष 2023 में अंबाला में केवल एक मरीज मलेरिया से पीड़ित सामने आया था। इसके बाद वर्ष 2024 में कुल 9 मामले, जिनमें 7 बाहरी व 2 स्थानीय सामने आए थे। वहीं वर्ष 2025 में मलेरिया के कुल 18 केस आए। इनमें 16 केस बाहर के थे तो 2 स्थानीय थे। इस साल के नए आंकड़ों ने एक बार फिर से मलेरिया को गंभीर कर दिया है।
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मलेरिया के लक्षण
महामारी रोग नियंत्रक डॉ. सुनील हरि बताते हैं कि सामान्य तौर पर मलेरिया के कारण बुखार, सिरदर्द, उल्टी और फ्लू जैसे अन्य लक्षण उत्पन्न होते हैं। मलेरिया का परजीवी लाल रक्त कोशिकाओं को संक्रमित कर उन्हें नष्ट कर देता है, जिसके परिणामस्वरूप खून की कमी के कारण जल्दी थकान होना, दौरे/ऐंठन आना और बेहोशी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ये परजीवी रक्त के माध्यम से मस्तिष्क और शरीर के अन्य प्रमुख/महत्वपूर्ण अंगों तक पहुंच जाते हैं। गर्भावस्था में मलेरिया मां, भ्रूण और नवजात शिशु के लिए अत्यधिक जोखिम पैदा करता है। गर्भवती महिलाएं मलेरिया संक्रमण का मुकाबला करने और उसे शरीर से समाप्त करने में कम सक्षम होती हैं, जिससे बच्चे पर गंभीर और प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसे में लोग अपने घरों पर सचेत रहे।
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