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Ambala News: अंबाला में उल्लास के साथ मनाई गई ईद, एक दूसरे के गले लग दी बधाई

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ईद-उल-फितर पर अंबाला छावनी की जामा म​स्जिद में नमाज अता करते हुए। प्रवक्ता
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अंबाला। ट्विनसिटी में शनिवार को ईद-उल-फितर का त्योहार धार्मिक उत्साह और आपसी सौहार्द के साथ मनाया गया। मस्जिदों में सैकड़ों अकीदतमंदों ने नमाज अदा कर देश में अमन-चैन और खुशहाली की दुआ मांगी। नमाज के बाद ईद मुबारक की गूंज के साथ गले मिलने का सिलसिला शुरू हुआ, जिससे पूरा वातावरण प्रेम और सद्भावना के रंग में रंग गया। सुबह से ही शहर की जामा मस्जिद, मक्का मस्जिद, मस्जिद मदीना और ईदगाह सहित विभिन्न इबादतगाहों में नमाजियों की भीड़ जुटने लगी थी। छावनी के चूना चौक स्थित जामा मस्जिद में भी सामूहिक नमाज अदा की गई। इस दौरान सुरक्षा के कड़े प्रबंध रहे। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले लगाकर पर्व की बधाई दी।
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खुदा की नेमत है ईद, सैयद अहमद खान
अंजुमन इसलाहुल मुस्लिमीन सोसायटी के जिला प्रधान सैयद अहमद खान ने अंबाला वासियों को ईद और नवरात्र की संयुक्त शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि ईद-उल-फितर खुदा की वह नेमत है जो रमजान के कठिन उपवास और इबादत के बाद इनाम स्वरूप मिलती है। यह पर्व हमें संयम, त्याग और मानवता की सेवा का संदेश देता है। उन्होंने इस्लाम में जकात और फितरा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संपन्न व्यक्तियों के लिए अपनी संपत्ति का 2.5 प्रतिशत हिस्सा गरीबों को देना फर्ज है, वहीं परिवार के प्रत्येक सदस्य की ओर से फितरा (ढाई किलो गेहूं या उसकी कीमत) देना अनिवार्य है ताकि समाज का हर वर्ग खुशियों में शामिल हो सके।
उन्होंने अपील की कि लोग आपसी रंजिशें भुलाकर प्रेम और एकता का संकल्प लें। इस अवसर पर मुफ्ती मोहम्मद शहबाज कासमी, सैयद अमीनुर रहमान, कारी मोहम्मद राशिद और कमरूल इस्लाम सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

ईद-उल-फितर पर अंबाला छावनी की जामा मस्जिद में नमाज अता करते हुए। प्रवक्ता

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