अंबाला। प्लेटफार्म 1-ए का स्वरूप बदलने की कवायद शुरू हो गई है। मंडल रेल प्रबंधक के निर्देश पर विभागीय अधिकारी इस कार्रवाई में जुट गए हैं। यात्रियों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए यह कार्य योजना तैयार की जा रही है ताकि जानकारी के अभाव में उनकी ट्रेन न छूटे और यात्री बिना किसी परेशानी के प्लेटफार्म 1-ए से चलने वाली ट्रेनों तक पहुंच सकें।
प्राथमिक चरण में प्लेटफार्म 1-ए के विस्तार को लेकर मंथन चल रहा है ताकि रेलवे यार्ड के नजदीक रेलवे लाइनों को प्लेटफार्म के तौर पर इस्तेमाल किया जा सके। इसमें वीआईपी प्लेटफार्म भी शामिल हैं, जहां मौजूदा समय में मंडल रेल प्रबंधक सहित अन्य उच्चाधिकारियों के वीआईपी कोच खड़े होते हैं। इसी प्रकार दूसरे प्रस्ताव के तहत प्लेटफार्म 1-ए का नंबर बदलने पर भी मंथन किया जा रहा है ताकि प्लेटफार्म 1 और 1-ए को लेकर चल रहा विरोधाभास खत्म हो सके। प्राप्त जानकारी अनुसार इस प्लेटफार्म को कोई नया नंबर भी दिया जा सकता है, मसलन आठ या नौ आदि।
अभी हैं सात प्लेटफार्म
मौजूदा समय में अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर सात ही प्लेटफार्म हैं। इसमें पांच नंबर प्लेटफार्म की जगह सिर्फ रेलवे लाइन ही है। इसी प्रकार प्लेटफार्म सात के साथ बने पुराने लोको शेड को भी हटाकर नई रेलवे लाइनें बिछाने पर मंथन चल रहा है ताकि जिस प्रकार से वंदे भारत सहित अन्य ट्रेनों की संख्या में वृद्धि हो रही है, उन्हें बिना बीच रास्ते में रोके प्लेटफार्म पर सीधा ठहराव दिया जा सके। अगर नई रेलवे लाइन बिछती हैं तो फिर अंबाला कैंट रेलवे स्टेशन पर प्लेटफार्माें की संख्या भी नौ तक पहुंचने की उम्मीद है।
प्लेटफार्म 1 और 1-ए में विरोधाभास को लेकर यात्रियों की तरफ से अक्सर शिकायतें प्राप्त होती हैं कि जानकारी के अभाव में उनकी ट्रेनें छूट जाती हैं। इस समस्या के स्थायी समाधान को लेकर भी मंथन चल रहा है और कार्य योजना भी तैयार की जा रही है ताकि समस्या का उचित समाधान हो सके और यात्रियों को सुविधा मिल सके।
मंदीप सिंह भाटिया, डीआरएम अंबाला।