अंबाला। आईटीआई में अब ऑनलाइन आवेदन के लिए चार दिन शेष बचे हैं। जैसे-जैसे अंतिम तारीख नजदीक आ रही है वैसे-वैसे शहर राजकीय आईटीआई में दाखिला लेना किसी जंग से जीतने जैसा बनता जा रहा है। क्योंकि यहां की 1132 सीटों के लिए अभी तक 2600 आवेदन आ चुके हैं। ऐसे में यहां की प्रमुख ट्रेड में दाखिला लेना बेहद मुश्किल रहेगा।
उधर दूसरी तरफ नग्गल में पड़ने वाली राजकीय आईटीआई हसनपुर में सीटें भर पाना विभाग के लिए चुनौती बना हुआ है। यहां 24 सीटों पर अभी तक मात्र 09 आनलाइन आवेदन ही आए हैं, इसके चलते विभाग की दिक्कतें बढ़ गई हैं। ऐसा भी नहीं है कि यहां ट्रेड अच्छी नहीं है। फिटर और कोपा ऐसे दो ट्रेड हैं जोकि सबसे पहले भरती हैं और इन दोनों ट्रेड में शहर की राजकीय आईटीआई में दाखिले के लिए जबरदस्त प्रतिस्पर्धा चल रही है लेकिन यहां इन्हीं दोनों ट्रेड में कुल सीटों जितने भी आवेदन नहीं आए प्रतिस्पर्धा तो दूर की बात है। वहीं भारांपुर राजकीय आईटीआई शहजादपुर में करीब 320 सीटों पर 785 आवेदन आ चुके हैं।
ड्यूल मोड के कारण पेंटर और फाउंड्री मैन, पीपीओ में प्रतिस्पर्धा घटी
ड्यूल मोड सिस्टम में दाखिले के लिए 18 वर्ष की उम्र तय की गई है। इसी कारण शहर की राजकीय आईटीआई में पेंटर, फाउंड्री मैन और प्लास्टिक प्रोसेसिंग आपरेटर ट्रेड में प्रतिस्पर्धा बेहद कम है। ऐसे में शहर की आईटीआई में भी अभी इन तीन ट्रेडों में 18 साल या इससे अधिक उम्र के विद्यार्थियों के पास दाखिला लेने का सुनहरा अवसर है।
पेंटर जनरल व्यवसाय के सभी प्रशिक्षुओं की प्लेसमेंट इस साल हो चुकी है। प्रशिक्षु हीरो मोर्ट्स इत्यादि में रोजगार कर रहे हैं। इसके साथ प्रशिक्षुओं को दूसरे राज्यों में भी सरकारी नौकरी मिल रही है। पेंटर ट्रेड को अब ड्यूल सिस्टम ट्रेनिंग में तब्दील किया गया है। इसीलिए इसमें अब 18 वर्ष से अधिक उम्र के विद्यार्थी ही आवेदन कर पा रहे हैं।
मंदीप कौर, पेंटर अनुदेशिका।
शहर राजकीय आईटीआई में करीब 2600 आवेदन आ चुके हैं जबकि भारंपुर में 785। हां अभी हसनपुर में आवेदन की संख्या सीटों से कम है। लेकिन यहां भी सीटें 100 फीसदी भरेंगी क्योंकि कोपा और फिटर ऐसी ट्रेड हैं जिनमें सीटें खाली रहने का मतलब ही नहीं बनता। नई आईटीआई है इसीलिए दाखिले के लिए विद्यार्थी थोड़ा संकोच करते हैं।
-भूपेंद्र सिंह सांगवान, नोडल अधिकारी आईटीआई अंबाला।