अंबाला। गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक अंबाला शहर की 8 डिप्लोमा इंजीनियरिंग ट्रेड में दाखिले लेने के इच्छुक विद्यार्थियों का इंतजार आखिरकार खत्म हो ही गया। कोरोना काल में विद्यार्थियों ने डिप्लोमा कोर्स में दाखिला लेने के लिए इतनी उत्सुकता दिखाई कि पहली सीट अलाटमेंट लिस्ट में ही संस्थान संचालकों के बांछें खिल गई। क्योंकि उम्मीद से ज्यादा अच्छा रिस्पांस मिला और हर वर्ष की तुलना में पहली ही लिस्ट में लगभग सभी ट्रेड में 60 फीसद से अधिक सीटें अलाट कर दी गई।
वीरवार को सीट अलाट होने के बाद पॉलिटेक्निक में एक-दुक्का कर विद्यार्थी भी पहुंचे। आफिस इंचार्ज दाखिला धर्मबीर सैनी, पुष्पेंद्र प्रताप और प्रदीप मित्तल के अलावा दलविंद्र सिंह ने इन विद्यार्थियों की शंकाओं को दूर कर उनकी जिज्ञासा को शांत किया। पहली लिस्ट में 432 सीटें अलाट होने के बाद अब 168 सीटें बच गई हैं। हालांकि अभी अलाट हुई सीटों पर दाखिला कितने विद्यार्थी लेंगे यह आने वाले 7 दिनों में तय होगा। बता दें कि सीट अलाटमेंट के बाद जिन सीटों पर विद्यार्थी दाखिला नहीं लेंगे उन्हें खाली मानते हुए अगली लिस्ट में शामिल होने वाले विद्यार्थियों को रैंकवार च्वाइस लॉक करने का मौका दूसरी मेरिट लिस्ट में दिया जाएगा। इसके तहत विद्यार्थी 24 से 27 तक आनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
प्लास्टिक इंजीनियरिंग में सबसे कम 60 फीसद सीटें ही हुई अलाट
पहली सीट अलाटमेंट की बात करें तो सबसे ज्यादा कंप्यूटर डिप्लोमा इंजीनियरिंग में 86 प्रतिशत, मेकेनिकल इंजीनियरिंग ट्रेड में 75, सिविल इंजी. व इलेक्ट्रॉनिक्स में 73- 73, इलेक्ट्रिकल में 70, आर्किटेक डिप्लोमा इंजीनियरिंग की 68, आटोमोबाइल में 65 जबकि प्लास्टिक इंजीनियरिंग में सबसे कम 60 प्रतिशत सीटें पहली लिस्ट में अलॉट हो गई। बता दें कि प्लास्टिक इंजीनियरिंग ट्रेड अंबाला के साथ लगते 8 जिलों की किसी भी पॉलिटेक्निक में नहीं है। इसी तरह आटोमोबाइल ट्रेड भी केवल अंबाला शहर राजकीय पॉलिटेक्निक में ही है।
ट्रेड का नाम अलाट हुई सीटें कुल सीटें
आर्किटेक 41 60
आटोमोबाइल 39 60
सिविल इंजीनियरिंग 88 120
कंप्यूटर इंजीनियरिंग 52 60
इलेक्ट्रीकल 42 60
इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्युनिकेशन 44 60
मकेनिकल इंजीनियरिंग 90 120
प्लास्टिक इंजीनियरिंग 36 60
निश्चित तौर पर अच्छा रिस्पांस मिला है। कोरोना काल में पहली ही बार में सभी कोर्स में 60 फीसद से ज्यादा सीटें अलाट होने हमारे लिए हर्ष का विषय है। इसके लिए हमारे स्टाफ ने पूरी मेहनत भी की।
-डॉ. राजीव सपड़ा, प्रिंसिपल गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक अंबाला शहर।