अंबाला सिटी। राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान अंबाला शहर में महिला प्रशिक्षुओं के दाखिले के लिए अब स्टाफ एवं प्रधानाचार्य ने पूरी जान फूंक दी है। हालांकि इस आईटीआई में करीब 1088 सीटों पर दाखिले के लिए अब तक करीब 920 आनलाइन आवेदन हो चुके हैं। लेकिन इनमें महिलाओं की संख्या कम है। इसीलिए अब स्टाफ ने महिलाओं को जागरूक करने के साथ-साथ अन्य अभियान भी छेड़ दिए हैं ताकि बेटियों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाया जा सके।
इसी कड़ी में शिवालिक पब्लिक स्कूल नारायणगढ़ की प्रधानाचार्य अनुराधा भाटिया राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान अंबाला शहर में पहुंची और संस्थान का निरीक्षण किया। अनुराधा भाटिया द्वारा संस्थान की सभी कार्यशाला और कंप्यूटर लैब का भी निरीक्षण किया। उन्होंने संस्थान के इंफ्रास्ट्रक्चर को देखकर खुशी जाहिर की। महिलाओं के लिए संस्थान द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना भी। भाटिया द्वारा विशेष तौर पर कहा गया कि वह अपने संस्थान से पास होने वाली महिला छात्राओं को विशेष तौर पर आईटीआई में तकनीकी शिक्षा एवं औद्योगिक ज्ञान प्राप्त करने के लिए मोटिवेट करेंगी।
विभिन्न संस्थानों में ट्रेनिंग के दौरान स्टाइफंड भी....
प्रिंसिपल भूपेंद्र सिंह सांगवान ने बताया कि आईटीआई से एक वर्ष का कोर्स करने वाले प्रशिक्षुओं को अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम के तहत विभिन्न प्रतिष्ठानों में 7700 और दो वर्ष के कोर्स के उपरांत 8050 रुपये का स्टाइफंड देने का प्रावधान है।
10वीं के बाद दो वर्षीय कोर्स करने पर 12वीं मान्य
प्रिंसिपल ने बताया कि दसवीं कक्षा के बाद यदि कोई छात्र या छात्रा दो वर्षीय कोर्स पास कती है और केवल हिंदी और अंग्रेजी विषय साथ लेकर उसकी परीक्षा देती है तो आईटीआई से पास होने के साथ 12वीं के समक्ष प्रमाण पत्र की मान्यता दी जाती है। आठवीं कक्षा के उपरांत 2 वर्ष की अवधि वाले कोर्स में दाखिला प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी को अंग्रेजी एवं हिंदी विषय पास करने पर दसवीं के समकक्ष की मान्यता प्रदान की जाती है।
यह हैं महिलाओं के लिए विशेष सुविधाएं
प्रधानाचार्य भूपेंद्र सिंह सांगवान ने प्रिंसिपल अनुराधा भाटिया को बताया कि विभाग द्वारा सभी महिला प्रशिक्षुओं को 1000 रुपयेे राशि टूल किट खरीदने के लिए दिए जाते हैं। इसके अलावा फ्री बस पास एवं पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप के साथ-साथ अन्य सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं। इस तरह से आईटीआई में पढ़ाई पूर्ण करने के उपरांत छात्र-छात्राओं के पास देश विदेश में उच्च शिक्षा के भी सुनहरे अवसर हैं। जैसे आईटीआई से 2 वर्ष का कोर्स पूर्ण करने पर टेन प्लस टू के समकक्ष की मान्यता का प्रमाण पत्र प्राप्त होता है तथा पॉलिटेक्निक में भी विभिन्न कोर्सों में सीधा दूसरे साल में लेटरल एंट्री के जरिए एडमिशन मिल जाता है।
निश्चित तौर पर मुझे आईटीआई में आने के बाद बहुत सी अतिरिक्त जानकारी हासिल हुई हैं। अच्छा लगा आईटीआई में आकर। ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों को इस तरफ प्रेरित किया जाएगा ताकि वह आत्मनिर्भर और सशक्त बन सकें।
-अनुराधा भाटिया, प्रिंसिपल शिवालिक सीसे स्कूल नारायणगढ़।